फतेहपुर/औंग। थाना क्षेत्र के भीकमपुर गांव में दो सितंबर को राजू विश्वकर्मा की अपहरण के बाद हत्या और परिवार के सदस्यों पर जानलेवा हमले के मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित कर दी गई है। क्राइम ब्रांच पूरे घटनाक्रम की नए सिरे से जांच करेगी।
हालांकि आरोपी पवन की मौत हो जाने के कारण मामले में अब किसी बड़े खुलासे की उम्मीद कम है। प्राथमिकी में फाइनल रिपोर्ट कोर्ट में भेजी जाएगी।
औंग थाने के भीकमपुर गांव निवासी राजू विश्वकर्मा (48) को दो सितंबर की शाम आशापुर गांव का बहनोई पवन झांसा देकर अगवा कर ले गया था। रास्ते में उसकी हत्या कर शव नहर में फेंक दिया था। इसके बाद देर रात परिवार के सदस्यों पर बांके से जानलेवा हमला किया।
बचाव में परिवार की ओर से किए गए हमले में पवन की मौत हो गई थी। कल्यानपुर थाना क्षेत्र के मुरादीपुर पुलिया के नीचे निचली रामगंगा नहर से शनिवार को राजू का शव बरामद हुआ था।
अब मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अजीत शुक्ला को सौंपी गई है। विवेचक ने सीसीटीवी फुटेज और हत्यारोपी की मोबाइल लोकेशन के आधार पर सिकठिया और नहर के रास्तों की जांच की। इसके बाद अल्लीपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घायल राजू के पुत्रों, भाई और अन्य के बयान लेने का प्रयास किया।
चिकित्सक ने घायलों की हालत में सुधार आने के बाद बयान लेने की सलाह दी। विवेचना में यह पता लगाया जा रहा है कि किन परिस्थितियों में पवन ने घटनाक्रम को अंजाम दिया और राजू का शव किस जगह नहर में फेंका गया।
घटना में किसी अन्य की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। पत्नी से अलगाव को घटना की वजह माना जा रहा है। पुलिस पवन की पत्नी फूलमती के भी बयान लेगी। प्रभारी निरीक्षक दिनेश शुक्ला ने बताया कि विवेचना क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित की गई है।