अचलगंज (उन्नाव)। बंथर के केएलसी कांप्लेक्स में आयोजित शूटेक प्रदर्शनी में आए चर्म उद्योग से जुड़े उद्यमियों की पहली पसंद स्वदेशी मशीनें रहीं। विदेशी मशीनों की अपेक्षा सस्ती व मरम्मत में किसी प्रकार की समस्या न आने की जानकारी होने पर उद्यमियों ने करीब 400 करोड़ के आर्डर दिए।
शूटेक प्रदर्शनी में उन्नाव, कानपुर के अलावा चेन्नई, गुड़गांव, दिल्ली, हैदराबाद, पुणे आदि राज्यों की मुसाफिर इंटरप्राइजेज, इको शूज, एक्सेसरीज, क्रिस्टल ब्लेड्स प्राइवेट लिमिटेड, क्लासिक फोम, सुपर फाइन माइक्रोफेब, स्काई इलास्टिक समेत 65 कंपनियों ने 80 स्टाॅल लगाए। स्थानीय उद्यमियों ने लेबल, एडहेसिव, फिनिश मशीन, हीट ट्रांसफर, ईवा फोम, बनवरफोम, शू लास्ट, रबर शीट, फैब्रिक, सोल आदि जूते बनाने में काम आने वाले मेटेरियल व मशीनों के मॉडल देखे।
देशी उत्पादों की उपयोगिता देखते हुए आर्डर भी दिए। जाजमऊ के जहीन उस्मानी ने बताया कि वह जूते की सिलाई व कटाई वाली मशीनों की आपूर्ति करते हैं। अभी तक भारी मशीनें 70 प्रतिशत विदेश से ही आ रही हैं लेकिन भारत में निर्मित छोटी मशीनों ने अपना क्षेत्र बढ़ाना शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि वह जर्मनी से भी मशीन मंगाते थे, जिनकी कीमत अधिक थी। साथ ही मरम्मत व उनके कल-पुर्जे मिलने में दिक्कत आती थी। अब इन मशीनों की संख्या बहुत कम हो गई है। बताया कि भारत निर्मित मशीनें कहीं अधिक अच्छी साबित हो रही हैं। मरम्मत की कोई दिक्कत नहीं आ रही है। साथ ही कीमत भी बहुत कम है। इसलिए उद्यमियों की पहली पसंद स्वदेशी मशीनें ही हैं।
स्वदेशी मशीनों की मांग बढ़ी
हीमैन सेल्स प्राइवेट लिमिटेड कानपुर के सेल्स मैनेजर संतोष त्रिवेदी भी चर्म उत्पाद के लिए मशीनों की आपूर्ति करते हैं। उन्होंने बताया कि जूते बनाने में काम आने वाली ह्यूमिडी फेयर, स्टीमिंग मशीन, रिएक्टिविंग, सोल प्रेस, कन्वेयर आदि सभी स्वदेशी मशीनें बेचते हैं। जिनकी अच्छी मांग आ रही है। शूटेक में उन्हें अच्छे ऑर्डर मिले हैं। चेन्नई की क्रिस्टल ब्लेड्स कंपनी की सेल्स मैनेजर निधि सिंह ने बताया कि देश निर्मित ब्लेड्स व छोटे औजार उद्यमियों को काफी पसंद बने हैं। लोग उन्हें खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं।
कानपुर के चमड़ा उद्योग में व्यापार की संभावनाएं
स्काई इंडस्ट्रीज मुंबई के कपिल मेहरोत्रा जूतों व बैग आदि के लिए इलास्टिक बनाते हैं। उन्होंने बताया कि उनके उत्पादों की क्वालिटी व फिनिशिंग से कानपुर के उद्यमी प्रभावित हुए हैं, जिससे उनको कानपुर के चमड़ा उद्योग में व्यापार की संभावनाएं दिख रही हैं। उनके मुताबिक, इस तरह के आयोजन व्यापार के लिए बहुत लाभकारी हैं। अब कच्चे माल या कंपोनेंट के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ता है।