कुदरत की मार से बर्बाद हुए किसानों के साथ भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यह बात तहसील मुख्यालय में किसानों को चेक वितरण समारोह में सपा के प्रदेश उपाध्यक्ष व विधान परिषद सदस्य नरेश उत्तम ने कहीं।
तहसील में चेक लेने के लिए हजारों पीड़ित किसानों का मजमा सुबह से लगा रहा। कार्यक्रम में सपा नेताओं ने सही सर्वे न कराए जाने को लेकर प्रशासन को जहां आडे़ हाथों लिया, वहीं केंद्र सरकार को निशाना बनाया।
सोमवार को तहसील बिंदकी के सभागार में एसडीएम शिव प्रसाद ने विशाल शिविर लगवाकर बर्बाद हुई किसानों की फसलों पर चेक वितरण समारोह का आयोजन किया, जिसमें चार हजार से अधिक किसानों को अलग-अलग आठ स्टाल लगाकर चेकों का वितरण किया गया।
इसमें नरेश उत्तम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसानों का नहीं बल्कि पूंजीपतियों का हितैषी बताया और यहां की सांसद केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति को भी आडे़ हाथाें लेते हुए कहा कि किसानों की उपज का समर्थन मूल्य बढ़ाया जाना चाहिए।
पूर्व मंत्री अमरजीत सिंह जनसेवक ने प्रशासन की फजीहत करते हुए कहा कि लेखपाल मौके पर जाकर सर्वे नहीं कर रहे हैं। अपने चहेते ठेकेदारों को लगाकर सर्वे के नाम पर किसानों से धन उगाही कर रहे हैं। जहानाबाद विधायक मदन गोपाल वर्मा, जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष रामेश्वर दयाल दयालू, संतोष द्विवेदी, महेंद्र बहादुर सिंह बच्चा आदि ने मौके में सर्वे न कराए जाने पर प्रशासन की धज्जियां उड़ाईं और केंद्र सरकार के खिलाफ भाषणबाजी करते हुए अखिलेश सरकार की लागू की गई योजनाओं का बखान किया। यहां सपाइयों की खासी भीड़ देखने को मिली।
जब उल्टा पड़ गया पासा
बिंदकी। चेक वितरण समारोह में उस समय पासा उल्टा पड़ गया जब पूछे जाने पर एसडीएम ने राज्य व केंद्र से मिली धनराशि के बारे में बताया। कार्यक्रम में सपा के प्रदेश उपाध्यक्ष नरेश उत्तम ने एसडीएम को मंच पर बुलाकर पूछा कि केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार ने कितना कितना रुपया तहसील बिंदकी के किसानों के लिए भेजा है। एसडीएम शिव प्रसाद ने जैसे ही कहा कि प्रदेश सरकार ने डेढ़ करोड़ रुपये और केंद्र सरकार ने पांच करोड़ पैतालीस लाख रुपये किसानों की मदद के लिए भेजा है। तभी मंच में मौजूद सपा नेता चुप्पी साध गए।