औंग (फतेहपुर)। पत्नी से अलगाव की रंजिश में बहनोई ने बुधवार शाम बड़े साले का अपहरण कर लिया। इसके बाद रात करीब डेढ़ से दो बजे के बीच छोटे साले, सरहज और तीन भतीजे पर बांके के हमला कर सामूहिक हत्या की कोशिश की। आत्मरक्षा में ससुरालियों ने बहनोई को दबोच कर लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मार डाला।
पुलिस ने बहनोई के खिलाफ हत्या की कोशिश और साले के अपहरण की अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। एसपी ने भी मौके का निरीक्षण किया। पुलिस अपहृत राजू की तलाश में जुटी है। पांच घायलों में तीन कानपुर हैलट में भर्ती हैं।
औंग थाना के आशापुर निवासी पवन विश्वकर्मा (50) की शादी करीब 20 वर्ष पहले भीकमपुर निवासी फूलमती से हुई थी। आपसी मतभेद के चलते करीब पांच साल पहले फूलमती तीन बेटियों व एक बेटे को लेकर बिंदकी निवासी रिश्तेदार के साथ गुजरात चली गई थी। पत्नी के जाने के पीछे बहनोई पवन ससुरालियों से रंजिश मानता था। कुछ दिन से वह परिवार से मिलने के लिए परेशान था।
पवन बुधवार शाम करीब पांच बजे ससुराल पहुंचा। यहां बड़े साले राजू को उसके बेटे की शादी के लिए रिश्ता दिखवाने का झांसा देकर घर से ले गया। रात करीब नौ बजे पवन दोबारा ससुराल पहुंचा। परिजन ने राजू के बारे में पूछा तो उसने बताया कि कानपुर करबिगवां शाहपुर में रिश्ता देखने ले गया था और राजू वहीं रुक गया है।
फोन पर बात कराने को कहा गया तो फोन न होने की बात कहकर टाल दिया। परिवार के साथ खाना खाने के बाद वह कुछ देर में आने की बात कहकर चला गया। रात करीब 11 बजे फिर लौटा और परिवार को सो जाने के लिए कहा। वह साथ में एक झोला भी लाया। परिवार के गहरी नींद में होने पर झोले से बांका निकालकर सो रहे राजू के पुत्र प्रदीप पर हमला कर दिया।
प्रदीप की चीख सुनकर राजू का पुत्र राजकरण, गोरे, चाचा राजेश (छोटा साला) और राजेश की पत्नी पुष्पा बीच-बचाव को पहुंचे। पवन ने सभी को मारने के इरादे से ताबड़तोड़ वार किए। जान जोखिम में देख परिवार ने बचाव शुरू किया और लकड़ी की बल्ली से पवन के सिर पर हमला किया।
लहूलुहान होकर पवन गिर पड़ा। आवेश में परिवार के लोगों ने उस पर लाठ-डंडों से वार किए। मौके पर पवन की मौत हो गई। इस दौरान राजू के पिता महाबीर, पत्नी विमलेश, बेटियां गुड़िया, ममता और छोटा बेटा करण भी मौजूद थे। यह सभी हमले में बच गए।
प्रधान गोरेलाल की सूचना पर करीब सवा तीन बजे तड़के पुलिस पहुंची। घायलों को अल्लीपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने पुष्पा को छोड़कर सभी को कानपुर हैलट रेफर कर दिया। शाम को हालत में सुधार होने पर करण को घर भेज दिया गया। बाकी घायल भर्ती हैं।
एसपी अभिमन्यु मांगलिक व एएसपी ज्ञान प्रकाश राय ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घायलों का हाल जाना। कल्यानपुर थाना पुलिस को हैलट भेजा गया। अधिकारियों ने भीकमपुर और आशापुर गांव पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि बहनोई पवन के खिलाफ हत्या की कोशिश और विमलेश की ओर से उसके पति राजू के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज की गई है।
खून से सने कपड़े बदलने के बाद दोबारा ससुराल पहुंचा
राजू को शाम को घर से ले जाते समय पवन ने भगवा बरमुडा और बंडी पहन रखी थी। रात 8:10 बजे वह अपने घर पहुंचा। यहां पिता ने उसके खून से सने कपड़े देखे। कपड़े बदलने के बाद वह छह किलोमीटर दूर भीकमपुर स्थित ससुराल फिर पहुंचा। इससे आशंका जताई जा रही है कि वह राजू की हत्या कर शव ठिकाने लगाने के बाद परिवार की सामूहिक हत्या के इरादे से दोबारा पहुंचा था।
बहनोई पवन ने बांके से सो रहे ससुरालियों पर कई वार किए। आत्मरक्षा में पवन को चोट पहुंची। उसे जिला अस्पताल में डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। वहीं साले राजू की तलाश के लिए सीसीटीवी फुटेज और सीडीआर खंगाली जा रही है। प्रथमदृष्टया माना जा रहा है कि बहनोई को लगता था कि ससुरालियों ने ही उसकी पत्नी को उससे दूर किया है। इसी रंजिश में उसने यह कदम उठाया। भीड़ ने बहनोई को नहीं पीटा है।
- अभिमन्यु मांगलिक, एसपी।