फतेहपुर। दहेज की मांग पूरी न होने पर मां व बेटी की गला दबाकर हत्या में पति व चचेरे ससुर को दोषी करार दिया। दोनों को उम्रकैद व 65 -65 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। फैसला अपर सत्र न्यायाधीश अजय सिंह प्रथम की कोर्ट ने सोमवार को सुनाया है।
हुसैनगंज थाना क्षेत्र के चौहट्टा निवासी घूरेलाल की पुत्री गुड्डी की शादी खागा कोतवाली क्षेत्र के त्योंजा निवासी पूरन पासवान के साथ हुई थी। घूरेलाल का आरोप था कि उसकी पुत्री को दहेज की मांग को लेकर ससुराली प्रताड़ित करते थे। मांग पूरी न होने पर 11 जून 2010 को पुत्री व नातिन अंजू का गला दबाकर दामाद ने अपने चचेरे ससुर विंदेश्वरी संग हत्या कर दी थी। हत्या के बाद कानपुर नौबस्ता थाना क्षेत्र के सेमरा तालाब में शवों को फेंक आए थे। खागा पुलिस ने शव मिलने पर 19 जून को रिपोर्ट दर्ज की थी। पिता ने बेटी और नातिन की पहचान उनके कपड़ों से की थी। हत्यारोपी पति घटना के बाद से जेल में है। ससुर को जमानत मिली थी। कोर्ट ने हत्या, शव छिपाने, दहेज प्रताड़ना के आरोप में दोनों को सजा सुनाई है।