फतेहपुर। जिले के आंवले से अब प्रदेश में अलग पहचान बनेगी। इसके लिए फतेहपुर के आंवले को एक जिला, एक उत्पाद योजना में शामिल किया गया है।
अब आंवला से अचार, मुरब्बा, जेली, लड्डू, जूस, आंवला पाउडर जैसे अन्य उत्पाद बनाना आसान होगा। इसके लिए लोगों को शासन की योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
एक जिला, एक उत्पाद (ओडीओपी) में जिले को आंवले के लिए चुना गया है। अब बागवानी करने वालों को आंवले के लिए प्रेरित किया जाएगा।
उद्यान विभाग से किसानों को अनुदान भी मिलेगा। साथ ही आंवला से उत्पाद बनाने के लिए लघु उद्योग भी खोले जाएंगे, जिसमें जिले के लोगों को जोड़ने का काम किया जाएगा।
बता दें कि जिले के 4728 हेक्टेयर में आंवला की बागवानी है। अभी यहां के लोगों को आंवला बेचने लिए प्रयागराज की मुंडेरा मंडी जाना पड़ता है।
ओडीओपी के तहत जिले में जैली, अचार, मुरब्बा, कैंडी, आवला पाउडर और जूस बनाया जाएगा। पैकिंग करने के बाद प्रदेश के अन्य जिलों में बिकेगा।
एक जिला, एक उत्पाद में जिले को आंवला के लिए प्रदेश सरकार ने चुना है। बागवानी और आंवला उत्पाद बनाने के लिए सरकार से लक्ष्य मिलता है तो लाभार्थियों को इसका लाभ दिया जाएगा। इस योजना से बागवानी करने वाले वालों की आय बढ़ेगी। - राम सिंह, जिला उद्यान अधिकारी।