नया वित्तीय साल जिले के 1190 होमगार्ड के जवानों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया है। पहली अप्रैल से सुरक्षा के इन सजग प्रहरियों का 75 रुपये दैनिक भत्ता बढ़ गया है। अब इन्हें 225 रुपये के बजाय 300 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भत्ता मिलेगा।
पुलिस के साथ धूप, बरसात, कड़ाके की सर्दी में जान हथेली में रखकर आंतरिक सुरक्षा में मुस्तैद रहने वाले होमगार्ड के जवान भले ही उपेक्षित नजरों से देखे जाते हों, लेकिन सुरक्षा के मामले में इनका पुलिस के जवानों से कम योगदान नहीं होता है।
दंगा हो या चुनाव या फिर आम सुरक्षा के मामले होमगार्ड के जवानों के बिना पुलिस अब एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पा रही है। इसके बदले में इन्हें अभी तक 225 रुपये प्रति दिन से हिसाब से भत्ता मिलता रहा है, जो ईंट गारा करने वाले मजदूर से भी कम है।
शासन ने कर्मठता और समर्पण की भावना को देखते हुए दैनिक भत्ता राशि में बढ़ोतरी कर दी है। अब इन्हें 300 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भत्ता पहली अप्रैल से देय होगा। इसके लिए शासनादेश जारी हो चुका है। जिले के सभी 13 ब्लाकों में एक-एक तथा नगर क्षेत्र में एक होमगार्ड के जवानों की कंपनी तैनात है।
एक कंपनी में एक अवैतनिक कंपनी कमांडर, एक सहायक कंपनी कमांडर और तीन प्लाटून कमांडर मिलाकर कुल 100 जवान होते हैं। इस तरह से जिले में कुल 1400 जवानों के सापेक्ष 1190 जवान मुस्तैद हैं। वर्ष 2011 से भर्ती में रोक लगी होने के कारण वर्तमान समय में सभी कंपनियों में मिलाकर कुल 210 जवानों के पद रिक्त चल रहे हैं।
जिला होमगार्ड कमाडेंट मुन्नूलाल ने बताया कि जवानों का पहली अप्रैल से दैनिक भत्ता बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया है। इसका शासनादेश भी जारी हो चुका है। पिछले कई साल से भर्ती पर रोक लगी होने के कारण सभी कंपनियों में कुछ न कुछ पद रिक्त हैं। वर्तमान समय में जिलेभर में कार्यरत होमगार्ड के जवानों की संख्या 1190 है, जबकि सृजित पद 1400 हैं।