दिन के असमंजस के चक्कर में रंग पर्व होली जिले में दो दिन धूमधाम से मनाई गई। गुरुवार को सुबह से दोपहर दो बजे तक होली खेलने का शौकीन हर शख्स रंग और गुलाल से सरोबार दिखा। तय समय पूरा होने पर पुलिस ने होली का हुड़दंग बंद कराया। इसके लिए कई जगह उन्हें सख्ती भी बरतनी पड़ी। शाम को लोगों ने एक दूसरे के घरों में जाकर होली की शुभकामनाएं दीं। यही हाल शुक्रवार को भी रहा।
होली पर डीजे प्रतिबंधित होने के कारण इस बार होली में शोरशराबा सड़कों पर कमजोर रहा, लेकिन बस्तियों के अंदर युवाओं ने साउंड लगाकर जमकर हुड़दंग की। शहर के बक्सपुर, नई बस्ती, रेडइया आदि मोहल्लों में होली गीत कार्यक्रम हुए। गायकों की टीमें घर-घर घूमी।
शहर के मुराइन टोला में पुरानी पंरपरा के अनुसार मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। दोपहर एक बजे मटकी तोड़ने के लिए युवा प्रयास कर रहे थे, तभी किसी ने पत्थर फेंककर मटकी तोड़ दी। जिससे युवाओं में तनातनी हो गई लेकिन समय रहते बवाल टल गया।
दोपहर के ठीक दो बजते हुए पुलिस वाहन सड़कों पर फर्राटे भरने लगे और हर चौराहे पर पुलिस के जवान मुस्तैद हो गए। इस दौरान जो भी रंग खेलते या फिर हुड़दंग करते दिखा, उसे पुलिस ने सड़क पर डंडे पटककर भगा दिया। इस तरह से होली का त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया।
इसके बाद लोग सजधज कर होली की शुभकामनाएं देने लोग एक दूसरे के घर पहुंचे। घरों में गुझिया खिलाकर अतिथियों का मुंह मीठा कराया गया और गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी गई। इसी तरह क्षेत्र के हुसैनगंज, गाजीपुर, बहुआ, असोथर, हंसवा क्षेत्रों में होली में रंग और गुलाल की बरसात हुई।