फतेहपुर। असोथर थाने के कुसुम्भी गांव के हिस्ट्रीशीटर ने मुकदमों से बचने के लिए फर्जी शैक्षणिक अभिलेख (मार्कशीट) एक विद्यालय से जारी कराए हैं। मामले में हिस्ट्रीशीटर के साथ फर्जी मार्कशीट जारी करने वाले विद्यालय के प्रधानाचार्य और कर्मियों पर भी प्राथमिकी दर्ज की गई है।
कुसुम्भी गांव के कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह ने एसपी से गांव के रामू सिंह उर्फ बिट्टी सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी कर मार्कशीट बनवाने की शिकायत की थी। सीओ की जांच के बाद बुधवार को असोथर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। आरोप है कि रामू सिंह थाना असोथर का अपराधी और हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ विभिन्न 26 मुकदमे हैं।
पूर्व में आजीवन कारावास व अन्य मामलों में सजाएं भी हो चुकी हैं। चार माह से जमानत पर जेल से बाहर है। पूर्व के मुकदमों में आरोपी ने फर्जी शैक्षणिक अभिलेख के जरिये नाबालिग होने का लाभ पाने का प्रयास किया है।
आधार कार्ड में जन्मतिथि 01.01.1985 दर्ज है। स्वामी ज्ञानानन्द जूनियर हाईस्कूल कुसुम्भी की कक्षा आठ की टीसी में जन्मतिथि 12.01.84 दर्ज है। जूनियर हाईस्कूल परीक्षा 1997 के अंकपत्र में मां व पिता के नाम के कॉलम खाली हैं। जन्मतिथि अंकों में 12.01.2014 और शब्दों में 12 जनवरी 1984 दर्ज है।
प्रधानाध्यापक स्वामी ज्ञानानन्द शिशु शिक्षा निकेतन कुसुम्भी की ओर से रामू सिंह का प्रमाणपत्र दिया गया है। इसमें कक्षा एक में छह मई 1988 को प्रवेश दर्शाया गया है। बीईओ विकास खंड हसवा के 18 अगस्त 2023 के पत्र के साथ प्रधानाध्यापक की ओर से जारी कक्षा पांच की टीसी में जन्मतिथि 12 जनवरी 1984 और प्रथम स्कूल प्रवेश की तारीख छह सितंबर 1988 लिखी है।
ग्राम पंचायत अधिकारी कुसुम्भी के परिवार रजिस्टर की नकल में जन्मतिथि एक जनवरी 1980 दर्ज है। प्रभारी निरीक्षक राजीव मिश्रा ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर और स्कूल के प्रधानाचार्य व कर्मियों के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की गई है।