पूरे शहर की बुनियाद हिला देने वाले अतिक्रमण अभियान पर रविवार तक के लिए ब्रेक लग गया है। डीएम आंजनेय कुमार सिंह के इस अभियान में पूरा शहर मलबे के ढेर में तब्दील हो गया है। शहर में अतिक्रमण अभियान 23 जुलाई से नए शेड्यूल के साथ शुुरू किया जाएगा।
बुधवार को डीएम कार्यालय में अतिक्रमण अभियान को लेकर खासी गहमागहमी रही। डीएम ने सबसे पहले एडीएम जेपी गुप्ता और एसडीएम प्रेम प्रकाश तिवारी व सीओ केडी मिश्र के साथ बैठक की। डीएम ने कहा कि अब तक के अभियान से आधे से ज्यादा शहर में मलबे की ढेर लग गए हैं। इससे लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। डीएम ने माना कि मलबे के ढेर लगने से कई रास्ते भी बंद हो गए हैं। डीएम ने रविवार तक पूरे शहर का मलबा साफ कराने के निर्देश दिए। दोबारा अभियान चलाने से पहले नया शेड्यूल तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह दोनों काम हर हाल में रविवार तक पूरे कर लिए जाएं। सोमवार से अतिक्रमण अभियान फिर से शुरू होगा। डीएम ने मास्टर प्लान के सर्वे के तहत जन सुविधाओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं।
इनसेट
यह होंगे मास्टर प्लान के मास्टर माइंड
शहर का मास्टर प्लान का सर्वे करने के लिए एसडीएम, सीओ, लोक निर्माण विभाग, आवास विकास और जल निगम के साथ नगर पालिका को जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारियों की टीम को पूरे सर्वे शहर में सभी मार्गों का सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही शहर का मास्टर प्लान निर्धारित किया जाएगा।
अधिवक्ताओं ने खोला मोर्चा
फतेहपुर। अतिक्रमण अभियान को लेकर अधिवक्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। बार एसोसिएशन ने इस संबंध में अपर जिलाधिकारी जेपी गुप्ता से मुलाकात की। एडीएम को बताया कि अभियान की चपेट में सौ से अधिक अधिवक्ताओं के भी घर आ रहे हैं। बार पदाधिकारियों ने एडीएम से शिकायत करते हुए कहा कि जिन्होंने अपनी जमीनों पर घर बना रखे हैं उनके घर नहीं गिरने चाहिए। वहीं दूसरी तरफ जिला बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष संग्राम सिंह राठौर की ओर से आज दोपहर तीन बजे लाइब्रेरी हाल में बैठक बुलाई गई है। जिसमें अतिक्रमण अभियान का मुद्दा उठेगा। अधिवक्ता अजीत सिंह राठौर ने कहा कि अतिक्रमण अवैध संपत्तियों से हटना चाहिए। जो अपनी पैत्रक संपत्तियों पर काबिज हैं और वैध रुप से बसे हुए हैं, उनके भी घर गिराए जाते हैं तो यह बेहद गलत होगा। इसी विषय पर बात करने के लिए आज सभी अधिवक्ता एकजुट होंगे।
दहशत और विरोध में बंद रहा चौक बाजार
अतिक्रमण अभियान को लेकर व्यापारियों में दहशत और विरोध का मिलाजुला असर रहा। शहर का मुख्य चौक बाजार दिनभर बंद रहा। दुकानें गिरा दिए जाने के डर से व्यापारी तालाबंदी किए रहे। यह पहला मौका था जब डर की वजह से व्यापारियों ने बाजार ही नहीं खोला। लोगों का कहना था कि यदि चौक बाजार में अतिक्रमण अभियान शहर के अन्य मुहल्लों की तर्ज पर चलता है तो चौक बाजार का अस्तित्व मिट जाएगा। शहर का बर्तन बाजार भी अतिक्रमण के डर से बंद रहा। लोगो में चर्चा का विषय रहा कि यदि दुकानें गिर गईं तो एक साथ सैकड़ों परिवारों के घरों की रोजी रोटी बंद हो जाएगी। व्यापार ठप पडने से बड़ी तादात में लोग बेरोजगार हो जाएंगे।
दिनभर चलते रहे फावड़े
जिला प्रशासन के अभियान का भय इस कदर लोगों में व्याप्त रहा कि लोग खुद ही अपने घर गिराने में लगे रहे। बड़े पैमाने पर लोगों ने अपने घर और दुकानें गिरा लीं। शहर के शादीपुर, पटेल नगर, बिंदकी बस स्टाप, पत्थरकटा और ज्वालागंज बस स्टाप में ताबड़तोड़ इमारतों के गिरने का सिलसिला जारी रहा। अभियान के चलते पूरा शहर मलबे के ढ़ेर में तब्दील नजर आया।
एडीएम से मिला व्यापार मंडल
जिला उद्योग व्यापार मंडल का प्रतिनिधि मंडल एडीएम से मिला। जिसमें व्यापारियों ने कहा कि चौक जैसे घनी आबादी में जहां चार पहिया वाहनों का प्रवेश वर्जित है, वहां दस मीटर की सड़क का क्या औचित्य है। वहीं मुराइन टोला से नई तहसील मार्ग जहां कोई भारी वाहन नहीं चलता वहां बीस मीटर सड़क का भी कोई औचित्य नहीं है। इस मौके पर रवि प्रकाश दुबे , आशुतोष रस्तोगी, कमलेश्वर शिवहरे और जुनैद मुख्य रुप से उपस्थित रहे।
सर्व समाज हुआ एकजुट ...
कचहरी परिसर में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अजय अवस्थी की अध्यक्षता में अतिक्रमण को लेकर सर्व समाज और सर्व दल की बैठक हुई। बैठक में अधिवक्ता संघ, व्यापार मंडल और युवा कांग्रेस के पदाधिकारी शामिल हुए। जिसमें अभियान न रोकने पर विरोध में सड़क पर उतरने का आह्वान किया गया। इस मौके पर कंछल गुट के युवा अध्यक्ष अमित शिवहरे, महेश द्विवेदी और सुशील मिश्रा मुख्य रुप से उपस्थित रहे।
जिम्मेदारों की जुबां से ...
अतिक्रमण अभियान आमजन की सुविधाओं और उनके भविष्य को ध्यान में रखकर शुरू किया गया है। शहर में बड़े पैमाने पर जल निकासी की समस्या है। अतिक्रमण के चलते जो नाले बने हैं, वह भी गलत दिशा में बना दिए गए हैं। जिससे नाले का कीचड़ तो निकाल लिया जाता है, लेकिन पानी भरा रहता है। अतिक्रमण अभियान के बाद सबसे पहले नाले नए और सही तरीके से बनेंगे और इसके बाद सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य किसी को क्षति पहुंचाना नहीं है। मैं यह आश्वस्त करता हूं कि किसी के साथ सौतेला व्यवहार नहीं किया जाएगा। - आंजनेय कुमार सिंह, जिलाधिकारी
अभियान के विषय में मुख्यमंत्री से बात की है। उन्हें बताया गया है कि शहर में अतिक्रमण अभियान की चोट सही लोगों को नहीं पहुंचनी चाहिए। जो नालों के ऊपर अवैध कब्जे हैं सिर्फ वही तोडे़ जाएं। प्रशासन को चाहिए कि किसी एक रोड का अतिक्रमण हटाकर पहले वहां खाली हुई जगह में कुछ करके दिखाएं ताकि लोग प्रशासन की मंशा को जान सकें और सहयोग के लिए आगे आ सकें। - साध्वी निरंजन ज्योति, केंद्रीय राज्यमंत्री/सांसद
अतिक्रमण अभियान से प्रभावित हो रहे सभी पक्षों से प्रशासन को बात करनी चाहिए। अभियान जिस वार्ड में चले वहां के लोगों की भी एक कमेटी पहले से गठित हो। जिसकी राय ली जाए और आमजन की सहूलियत के हिसाब से अभियान को दिशा दिया जाना उचित होगा। अभियान से यदि कोई बेघर या बेरोजगार हो जाता है तो उसके लिए भी व्यवस्था की जानी चाहिए। - विक्रम सिंह, सदर विधायक