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Fatehpur News: झमाझम बारिश से शहर पानी-पानी, सड़कों पर जलभराव

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फतेहपुर। झमाझम बारिश से शहर पानी-पानी हो गया। करीब 30 मिनट की बारिश में शहर की सड़कों पर घुटने तक जलभराव हो गया। जलभराव के कारण लोगों को आने जाने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पहली बार जिले में इतनी बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे। अच्छी बारिश से धान की रोपाई में तेजी आएगी और धान की फसल को संजीवनी मिल गई।
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शहर में झमाझम बारिश से शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खुल गई है। आबादी के मध्य की सड़कों की कौन कहे, मुख्य सड़कों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। सबसे गंभीर स्थिति सीओ दफ्तर के सामने की सड़क की हो गई है। सड़क के ऊपर से घुटने तक पानी भर गया है। सीओ दफ्तर के आसपास भी जलभराव हो गया। जलभराव से डॉ. भीमराव आंबेडकर विद्यालय के आसपास भी जलभराव से दिक्कत है। बिंदकी बस स्टैंड के पास सड़क पर घुटने तक पानी भर गया है। खलीलननगर में जलनिकासी के लिए नगर पालिका ने पंपिंग सेट लगाए हैं।

बारिश से शहर के ज्वालागंज में जीटी रोड पर जलभराव से यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बाकरगंज लखनऊ रोड पर भी जलभराव हुआ। ऐसे में करीब एक घंटे तक राहगीरों का आवागन थमा रहा।
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बांदा रोड के अंडरब्रिज में भर गया पानी

बांदा-टांडा रोड पर नई रेलवे लाइन पर बने अंडरब्रिज में करीब डेढ़ फीट गहरा पानी भर गया है। जलभराव के कारण बाइक सवारों को निकलने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। साइलेंसर में पानी भरने से कई बाइक सवारों को मैकेनिकों की मदद लेनी पड़ी।

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जलभराव का कारण शहर की भौगोलिक स्थिति है। अच्छी बारिश होने पर शहर में जलभराव होता रहा है, लेकिन गुणवत्ता परक नाला-नालियों की सिल्ट सफाई कराई गई जिससे दो से तीन घंटे में सड़कों पर भरा पानी निकल जाता है। -रविंद्र कुमार, ईओ, नगर पालिका
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खरीफ की फसल के लिए अमृत की बारिश, किसानों के चहरे खिले

फतेहपुर। जिले में खरीफ की फसल का बड़ा क्षेत्र है। दो लाख 12 हजार 260 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ की फसल का क्षेत्र है। इसमें सबसे बड़ा क्षेत्र एक लाख 64 हजार 238 हेक्टेयर क्षेत्र में धान का उत्पादन होता है। शेष क्षेत्र में मक्का, ज्वार, बाजरा, उर्द, मूंग, अरहर, मूंगफली, तिल की फसल बोई जाती है।

धान के अलावा अन्य फसलों की रिमझिम बारिश में बुआई तो हो चुकी है लेकिन अभी तक धान की रोपाई के लिए 20 प्रतिशत क्षेत्र रिक्त पड़ा है। नहर में पानी और बिजली संकट के कारण रोपाई प्रभावित है। मंगलवार को अच्छी बारिश से किसानों ने राहत की सांस ली। किसानों का माना है कि खेतों में पानी फैल गया है। अब आसानी से धान की रोपाई हो सकेगी।

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रसूलाबाद निवासी किसान नीरज का कहना है कि मंगलवार को हुई बारिश किसानों के लिए अमृत है। खरीफ की फसल के लिए पानी की खासी आवश्यकता थी जो पूरी हो गई है। इस बारिश के बाद धान की रोपाई भी पूरी हो जाएगी।

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भरतपुर निवासी किसान रामसिंह का कहना है कि पर्याप्त बिजली न मिलने से धान की फसल मुरझा रही थी। बारिश होने से धान को संजीवनी मिल गई है। मुरझा रही धान की फसल फिर लहलहाने लगी है। इस बारिश से अवशेष धान की रोपाई भी पूरी हो जाएगी।
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