फतेहपुर। जिला चिकित्सालय में आयुष विंग का दवा भंडारण खाली हो चुका है। यहां आयुर्वेदिक, यूनानी व होम्योपैथिक चिकित्सकों की तैनाती तो है। लेकिन मरीजों को देने के लिए दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। जिससे मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है।
जिला अस्पताल के आयुष विंग में आयुर्वेदिक, यूनानी व होम्योपैथिक विधा से मरीजों का इलाज किया जाता है। इसके लिए यहां आयुर्वेदिक के डा. केके पांडेय, होम्योपैथिक के डा. सुरेश रघुवंशी व यूनानी के डा. जीशान अली की तैनाती है। चिकित्सक होने के बाद भी दवाओं के स्टोर खाली हैं।
आयुर्वेदिक विभाग की रैक दवाओं से खाली है तो यूनानी में दवाओं के खाली डिब्बे रखे हैं। हालांकि होम्योपैथिक में कुछ दवाओं का स्टाक है। जिससे यहां मरीजों को दवाएं मिल जाती है, लेकिन आयुर्वेदिक विभाग में दवाओं का टोटा है। उधर, आयुष विंग में आयुर्वेदिक चिकित्सक तो बैठ रहे हैं, लेकिन दवाओं के स्टोर में कोविड-19 का टीकाकरण हो रहा है। यहां लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जा रही है।
आयुष विंग में आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक व यूनानी चिकित्सा होने के चलते यहां प्रतिदिन 100 से ज्यादा मरीजों की ओपीडी होती है। बुधवार को भी यहां मरीजों की संख्या ठीकठाक रही लेकिन उन्हें दवा बाहर से खरीदनी पड़ी। सीएमएस डॉ. प्रभाकर ने बताया कि दवाओं की डिमांड भेजी गई है। स्टॉक उपलब्ध होने पर दवाओं का वितरण किया जाएगा।