फतेहपुर। हादसे की जांच के लिए प्रयारागज की टीम बुधवार को घटनास्थल पहुंची। निरीक्षण के बाद थाने में खड़े वाहनों की जांच की। बरातियों की बस, स्कूली बस थी, जिसकी फिटनेस और बीमा काफी दिनों पहले ही समाप्त हो चुका था। वहीं ट्रैक्टर के कागजातों में कोई कमी नहीं पाई गई।
प्रयागराज आरटीओ प्रवर्तन राजकुमार, प्रशासन राजेश मौर्या हादसे की जांच करने मौके पर पहुंचे। जिले से भी एआरटीओ प्रवर्तन सुरेंद्र कुमार यादव और यात्रीकर अधिकारी जीएन मिश्रा मौके पर पहुंचे। संयुक्त टीम ने घटनास्थल की जांच की। टीम ने थाने पहुंचकर बस नंबर के आधार पर कागजातों की जांच की। बस छेदीलाल साहू रामबाबू इंटरमीडिएट कालेज के नाम रजिस्टर्ड पाई गई।
बस का फिटनेस 29 जुलाई 2021 को और बीमा 19 जुलाई 2019 को समाप्त हो चुका है। ट्रैक्टर का बीमा 10 दिसंबर 2022 तक का है। फिटनेस तीन सितंबर 2025 तक मान्य है। बस की अनियमितताओं को देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए। स्कूल परमिट पर बस बुकिंग में भी नहीं चलाई जा सकती है। यात्रीकर अधिकारी ने बताया कि प्रयागराज की टीम ने रिपोर्ट तैयार की है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। बस किसी ब्लाक प्रमुख की बताई जा रही है।
फतेहपुर। सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के आरामपुर बसई मोड़ पर सड़क हादसे में जान गवांने वालों में दूल्हे के तीन रिश्तेदार फूफा, मामा और मौसेरा भाई हैं। चारों शवों की शिनाख्त हो गई है। हादसे से शादी की खुशियां मातम में तब्दील हो गई हैं। बराती हो या जनाती सभी आंखें नम और चेहरों पर हादसे का खौफ नजर आ रहा था।
कौशांबी जिले के कड़ा धाम थाना क्षेत्र के कमालपुर गांव से शशिप्रकाश की बरात मंगलवार की रात खागा कोतवाली के महटेनी गांव आ रही थी। बरातियों से भरी मिनी बस सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के आरामपुर बसई मोड़ के पास ट्रैक्टर से टकरा गई। हादसे में बस सवार 17 बराती घायल हुए थे, इनमें चार की मौत हो गई। बुधवार को दो और शवों की पहचान की गई।
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे कड़ा धाम थाना क्षेत्र के कमालपुर निवासी रामलाल और पुत्ता ने अपने पिता के रूप में तीसरे शव रामपाल पासवान (65) की पहचान की। रामलाल ने बताया कि एक भाई छेद्दू की पहले एक्सीडेंट में मौत हो चुकी है। पिता की मौत से मां संपतिया और बहनें विमला, रेखा बदहवास हैं। पिता रामलाल गांव नाते बारात में शामिल होने आए थे।
पइंसा थाना क्षेत्र के कइमा मजरे लोधनपुरवा गांव के राजेेश, सत्यप्रकाश ने चौथे शव की पहचान अपने पिता श्यामलाल रैदास (55) के रूप में की। श्यामलाल अपने पीछे पत्नी सीमा, बेटों और तीन बेटियों निशा, रीता देवी और मनीषा को छोड़ गए हैं। श्यामलाल दूल्हे शशि के रिश्ते में फूफा थे। वहीं जान गवांने वालों में दारानगर निवासी शिवराम सेवानिवृत्त शिक्षक और रिश्ते में दूल्हे के मामा लगते थे।
उनके तीन बेटे अनिल, अभिषेक, सुनील हैं। उनकी एक बेटी पूजा है। चौथा जान गवांने वाला सुमित (18) पुत्र किशनलाल दूल्हे का मौसेरा भाई था। सुमित दूल्हे के पड़ोसी गांव सौरेई बुुजुर्ग का रहने वाला था। वह गांव से भाई की शादी में अकेले घर से निकला था। उससे छोटा एक भाई शोभित और दो बहनें मुस्कान, नैंसी हैं। परिजन अपनों के शवों को देखकर रोते-बिलखते रहे। डॉक्टर सुरेंद्र सिंह, फार्मासिस्ट ज्ञानेंद्र सिंह की देखरेख में बुधवार दोपहर को शवों का पोस्टमार्टम हुआ।
खागा। मझटेनी की रहने वाली दुल्हन रोशनी के परिजनों को नहीं पता था कि बेटी की शादी की शहनाई मातम में तब्दील हो जाएगी। विवाहस्थल पर हादसे की खबर पहुंचते ही वहां गाए जा रहे मंगल गीत बंद हो गए और पूरे पांडाल में सन्नाटा पसर गया।
दूल्हे की गाड़ी भी आधे रास्ते से वापस हो गई। दूल्हा व उनके रिश्तेदार जब घायलों को अस्पताल पहुंचाने के बाद वापस मझटेनी पहुंचे, इसके बाद गिने-चुने रिश्तेदारों के बीच शादी की रस्में पूरी की गईं। बुधवार सुबह आठ बजे ही खामोशी के बीच दुल्हन को विदा कर दिया गया।
कौशांबी जनपद के कमालपुर निवासी डॉ रामहित के पुत्र की बारात खागा कोतवाली के मझटेनी गांव निवासी रामबाबू के घर आ रही थी। रामबाबू की पुत्री रोशनी की शादी थी। हादसे की खबर मिलते ही डॉ रामहित का पक्ष मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल ले जाने में मदद की।
मझटेनी के ग्रामीणों ने बताया कि हादसे की जानकारी होते ही माहौल एकदम बदल गया। मंगल गीत, डीजे सब बंद करा दिए गए। यहां तक कि जयमाल भी नहीं हुआ, सीधे फेरे कराकर रस्में पूरी की गई।