बिंदकी। छांगुर बाबा के तार बिंदकी कस्बे से लंबे अर्से से जुड़े है। उसके गुर्गे ने औरैया जिले की हिंदू युवती से रुद्र शर्मा बनकर शादी की थी। शादी के बाद उसका धर्मपरिवर्तन कराया था। युवती ने मेराज के साथ उसके पिता व भाई पर भी शारीरिक शोषण का एफआईआर में आरोप लगाया था। एटीएस की ओर से छांगुर का नेटवर्क खंगालने की खबर फैलने के बाद परिवार गायब हो गया है। गुर्गे के पिता की दुकान भी बंद है।
बिंदकी के एक मोहल्ले का युवक एक पार्टी की युवा इकाई का जिलाध्यक्ष था। जिलाध्यक्ष होने का रौब दिखाकर युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करता था। औरैया जिले की रहने वाली पीडि़ता ने बताया कि प्रेमजाल में फंसाकर उसका धर्मपरिवर्तन कराया था। उसकी नीयत युवती की बहन और मां पर खराब हो गई थी। इसी विवाद में औरैया में ही सितंबर 2024 में युवती के पिता ने मेराज की हत्या कर दी थी।
युवती ने बताया कि युवक छांगुर के गिरोह का सक्रिय सदस्य था। वह उसे छांगुर से मिलाने भी ले गया था। छांगुर ने उसका धर्मांतरण मजार में वीडियो कॉलिंग कर किया था। युवती के पिता की शराब छुड़वाने का झांसा देकर मेराज परिवार का ब्रेनवॉश कराने छांगुर के पास लखनऊ लेकर गया था। धर्मांतरण के बाद तीन माह तक युवती बिंदकी कस्बे में युवक के घर में रही है। उस समय नाबालिग थी। छांगुर के धर्मांतरण नेटवर्क की जांच कर रही एटीएस के युवक के घर तक आने की संभावना जताई जा रही है। इलाकाई लोगों के मुताबिक दो दिन से परिवार के लोग घर में नहीं है। उसके पिता की दुकान भी बंद है। वह अपने कई करीबी दोस्तों से छांगुर की वीडियो कॉल पर बातचीत कराता था। उसके साथ छांगुर से बातचीत करने वाले करीब 20 से 25 लड़के जुड़े थे। हालांकि युवक की मौत के बाद लड़कों का छांगुर से कनेक्शन की कोई पुष्टि नहीं है।
परिवार की लड़कियां भी ब्रेनवॉश में शामिल
युवती ने आरोप लगाया कि धर्मांतरण के गंदे खेल में युवक के परिवार की कुछ लड़कियां भी सहयोग करतीं थीं। वह हिंदू लड़कियों को मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए उकसाती थी। इटावा की युवती के घर तक वह आती-जाती रही हैं। हिंदू धर्म छोड़कर मुस्लिम धर्म के कई फायदे बताती थीं। ब्रेनवॉश के लिए काम करने वाली लड़कियां छांगुर गिरोह से जुड़ने की संभावना है।
धर्मांतरण में उमर गौतम, नेपाली मौलाना सक्रिय रहे
जिले के लिए धर्मांतरण सालों से पनौती के तौर पर रहा है। यहां का रहने वाला डॉ. उमर गौतम उर्फ श्याम प्रताप सिंह का धर्मांतरण नेटवर्क अंतरराज्यीय स्तर पर फैला रहा है। इस्लाम धर्म अपनाने के बाद वह कई बार जिले के सैकड़ों परिवारों का धर्मांतरण कराने आया था। उमर गौतम के खिलाफ शिक्षिका ने धर्मांतरण की कोशिश का मामला 2022 में दर्ज कराया था।
राधानगर थाने के रमवां पंथुवा का डॉ. उमर गौतम के छांगुर बाबा से कनेक्शन होने की लोगों में चर्चा है। डॉ. उमर गौतम पूरा नेटवर्क नोएडा से ऑपरेट करता था। इन दिनों जेल में बंद है। मो. उमर ने 20 साल की उम्र 1984 में शिक्षारत होने के दौरान ही अपना धर्मपरिवर्तन कर लिया था। इसके बाद जिले के अलावा आसपास के जनपदों व पश्चिमी जिले उसका गढ़ बन गए थे। यहां के स्कूल में बच्चों को धार्मिक स्पीच देने आता। अपने प्रमुख स्थान अंदौली, हसवा, सनगांव, मोहम्मदपुर गौंती समेत कई स्थानों पर धार्मिक प्रभाव व प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराता था। इसके अलावा ईसाई मिशनरी और गाजीपुर में ठिकाना बनाने वाले नेपाली मौलाना पर धर्मांतरण पर आरोप लगे हैं।