फतेहपुर। ओडीएफ पर शहर का सच कड़वा है। शहर में 5300 घरों में शौचालय के सापेक्ष अभी तक सिर्फ 98 शौचालय ही बन पाए हैं। इसके लाभार्थियों को नगर पालिका दोनों किस्तों का भुगतान कर चुकी है। करीब 4072 लाभार्थियों के शौचालय अंतिम किस्त का भुगतान न होने पर अधूरे पड़े हैं। 1180 लाभार्थियों को अभी तक रकम नहीं मिली है। इस सब के बावजूद शहर के 30 वार्ड ओडीएफ घोषित हो चुके हैं। शेष चार वार्ड 31 मार्च तक ओडीएफ घोषित करने का लक्ष्य तय है।
अमृत योजना के तहत शहर को 31 मार्च तक ओडीएफ घोषित किया जाना है। यह लक्ष्य दिसंबर 2016 में तय किया गया था। इसके लिए नगर पालिका ने शहर के शौचालय विहीन घरों को सूचीबद्ध कराया था। ऐसे 5300 परिवारों से शौचालय निर्माण के लिए फार्म भराए गए थे। आवेदकों को पहली किस्त का चार हजार रुपये देकर शौचालय का निर्माण कराना था। काम पूरा होने पर दूसरी किस्त 4000 रुपये देनी है।
नगर पालिका ने अब तक सिर्फ 98 लाभार्थियों को दूसरी किस्त आवंटित की है, जबकि 4072 लाभार्थियों को पहली किस्त महीनों पहले दी जा चुकी है। इतना ही नहीं, 1180 लाभार्थियों को अभी तक पहली किस्त का भुगतान नहीं किया गया है। ये लाभार्थी शहर के सभी 34 वार्डों के हैं। शौचालय विहीन घरों में रहने वाले परिवार के सदस्यों को खुले में शौच जाना मजबूरी है। इसके बावजूद नगर पालिका परिषद ने इन वार्डो को ओडीएफ घोषित कर दिया है। इतना ही नहीं शेष चार वार्डो को ओडीएफ घोषित करने की तैयारी है।
ईओ नगर पालिका परिषद रश्मि भारती का कहना है कि पहले विधानसभा चुनाव के कारण बजट नहीं आया। इसके बाद निकाय चुनाव में भी कार्य प्रभावित हुआ। शासन से बजट न मिलने के कारण योजना प्रभावित हुई है। अब तक करीब एक हजार शौचालयों का निर्माण पूरा हो चुका है। अंतिम मार्च तक दूसरी किस्त लाभार्थियों के खाते में भेज दी जाएगी। निर्माणाधीन सभी शौचालयों का निर्माण चालू महीने में पूरा हो जाएगा। चयनित लाभार्थियों के खाते में पहली किस्त भेजने की तैयारी पूरी है।
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ये वार्ड ओडीएफ घोषित
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