सिर पर गिलास और उस पर एक-एक कर 118 मटके रखकर सुरभि ने जो डांस दिखाया, उसे देख सभी कायल हो गए। कभी टूटे कांच के ढेर पर वह थिरक रही थी तो कभी कभी कील और तलवार की धार पर।
राजस्थान का यह भवाईं डांस मां काली रात्रि जागरण देखने पहुंचे हजारों दर्शकों के मन को छू गया।सुरभि राजस्थान से हैं और उन्हें इस डांस के लिए राष्ट्रपति अवार्ड भी मिल चुका है।
मलवां के डुबकी चाचीखेड़ा गांव के पास खुले मैदान में शक्तिपीठ मां काली का मंदिर है। भक्त इसे हर साल सजाते हैं और यहां दिन में भंडारा व रात में देवी जागरण का आयोजन होता है।
शक्तिपीठ मां काली फाउंडेशन की देखरेख में हुए इस कार्यक्रम देखने को दूर-दूराज गांव से भी हजारों की संख्या में पुरुष, महिला और बच्चे पहुंचे। जनप्रतिनिधियों ने भी इसमें बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।
कोलकाता से आए भाष्कर और उनकी टीम ने गणपति जन्म की कथा का सजीव मंचन कर सभी को रोमांचित किया, इसमें माता पार्वती का अपनी सुरक्षा के लिए गणेश की उत्पत्ति करना, द्वार पर रोके जाने से नाराज भगवान शिव का नाराज होना, त्रिशूल से बाल गणेश का सिर काट देना।
बेटे का हाल देख मां का क्रोध और फिर गणेश को गजानन रूप देकर जीवित करने का पूरा मंचन मूक अभिनय के जरिए किया गया। प्ले बैक साउंड ने इस अभिनय में चार चांद लगा दिए।
वहीं राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित राजस्थान से आई सुरभि ने अपने डांस से लोहा मनवाया। फिल्मी धुनों पर देवी गीत, सुरभि का बाल में आग लगाकर केतली पर चाय पकाना जैसे कई कार्यक्रमों ने भक्तों को भोर तक रोके रखा। बाद में श्रद्धालुओं में प्रसाद का वितरण किया गया।
कार्यक्रम में आयोजक पूर्व ब्लाक प्रमुख विकास त्रिवेदी, सह आयोजक सदर विधानसभा के बसपा प्रभारी समीर त्रिवेदी, त्रिवेदी मैनेजमेंट कालेज के चेयरमैन एसके त्रिवेदी, बिंदकी विधायक सुखदेव प्रसाद वर्मा, बसपा जिलाध्यक्ष सुनील गौतम, पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह पटेल, मनीष तिवारी, दिनेश तिवारी उर्फ खलीफा, राधारमण द्विवेदी, अमित शुक्ला मौजूद रहे।