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Fatehpur News: आर्थिक मदद और नौकरी के आश्वासन के बाद अंतिम संस्कार

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फोटो-45-परिजनों को समझाते विधायक और सीओ। संवाद
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बिंदकी। अलियाबाद प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र अखिलेश सविता की आत्महत्या के बाद रविवार को परिजन और प्रशासन के बीच करीब दो घंटे तक गतिरोध बना रहा। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया। परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार से इन्कार कर प्रशासन से वादे तत्काल पूरे कराने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करने लगे।
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नाराज लोगों ने एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी भी की। करीब दो घंटे तक शव दरवाजे पर ही रखा रहा। बिंदकी विधायक जयकुमार सिंह जैकी के मौके पर पहुंचने, साढ़े सात लाख रुपये की सहायता राशि सौंपने और लिखित आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। दोपहर दो बजे अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
कोतवाली क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय अलियाबाद में शनिवार शाम हुई घटना के बाद परिजनों ने शुरू में पोस्टमार्टम कराने से भी इन्कार कर दिया था। प्रशासन की ओर से शिक्षामित्र की पत्नी मंजू को कस्तूरबा विद्यालय में नौकरी और बेटे को इंटर पास होने के बाद नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया गया।
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विधायक ने अपने लेटर पैड पर लिखित रूप से प्रशासनिक आश्वासनों पर हर संभव सहयोग देने का वचन भी दिया। इसके बाद परिजन पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार के लिए सहमत हुए। इस दौरान सीओ गौरव शर्मा और प्रभारी निरीक्षक हेमंत कुमार मिश्रा पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।


चार दिन पहले ही मिले थे दो सहायक, घटना वाले दिन दोनों थे अनुपस्थित

बीएलओ की जिम्मेदारी निभा रहे शिक्षामित्र अखिलेश सविता के सहयोग के लिए चार दिन पहले ही दो सहायक नियुक्त किए गए थे लेकिन घटना वाले दिन दोनों विद्यालय से बाहर थे। एसडीएम प्रियंका अग्रवाल ने बताया कि जब शिक्षामित्र अवकाश के लिए उनके पास आए थे तो उन्होंने बीईओ मालवां से बात कर सहायकों की नियुक्ति कराई थी। बीईओ विनोद कुमार ने बताया कि घटना वाले दिन सहायक जया देवी बीआरसी में बैठक में थीं। दूसरे सहायक दिलीप कुमार ने शनिवार को फोन पर शिक्षामित्र से काम के बारे में पूछा तो उन्होंने कोई काम न होने की बात कही। इस वजह से कोई सहायक उनके पास नहीं पहुंचा।


वादों पर अमल की मांग को लेकर हंगामा, एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी

रविवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही माहौल गरमा गया। परिजन का कहना था कि अंतिम संस्कार से पहले दी जाने वाली सहायता राशि अभी तक नहीं मिली। परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण एकजुट होकर प्रशासन से वादे तत्काल पूरे कराने और दोषी अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। नाराज लोगों ने एसडीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विधायक जयकुमार सिंह जैकी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। करीब दो घंटे तक शव दरवाजे पर रखा रहा। सीओ गौरव शर्मा और प्रभारी निरीक्षक हेमंत कुमार मिश्रा पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। आर्थिक मदद और लिखित आश्वासन मिलने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।

फोटो-45-परिजनों को समझाते विधायक और सीओ। संवाद

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