फतेहपुर। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों का लाखों रुपये हड़प कर ट्रैवल्स एजेंसी संचालक फरार हो गए। इन लोगों ने युवकों के पासपोर्ट भी जमा करा लिए। ठगी के शिकार युवाओं ने पुलिस से शिकायत की है। एसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी।
मानपुर निवासी पियूष कुमार, श्रीकृष्ण, भगवती, बबलू लोधी, परमीकुतुबपुर उर्फ काजीपुरवा गांव के मोहम्मद रफीक, मोहम्मद शारिफ, मोहम्मद शाबिर, इसराइल, अनस, सोनू ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि ब्रुनेई, मलेशिया में नौकरी दिलाने के नाम पर शांति नगर में संचालित एक ट्रैवल्स एजेंसी के संचालकों ने एक-एक लाख प्रति व्यक्ति के हिसाब से रकम लेकर पासपोर्ट जमा कराए थे। 10 अप्रैल का फ्लाइट टिकट दिल्ली और कोलकाता से था। नौ अप्रैल को फतेहपुर से ट्रेन का टिकट था। संचालकों ने टिकट मोबाइल पर भेजे थे। ट्रेन टिकट कंफर्म करने के लिए इंटरनेट पर चेक किया फर्जी होने का पता लगा। वह लोग शनिवार को ट्रैवल्स एजेंसी पहुंचे। वहां ताला लगा हुआ था। काफी तलाश की गई। कोई पता नहीं लगा। प्रभारी निरीक्षक अमर सिंह रघुवंशी ने बताया कि घटना सदर कोतवाली क्षेत्र की है। कोतवाल आनंद प्रकाश शुक्ला ने बताया कि जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
शांतिनगर इलाके में जनवरी माह में ट्रैवल्स एजेंसी के नाम ऑफिस खोला गया था। लोगों को विदेश में नौकरी लगवाने का झांसा देकर रकम इकट्ठा की थी।
गोरखपुर का एक व्यक्ति ठगी का मास्टमाइंड बताया जा रहा है। उसके पास दिल्ली के नंबर की कार है। उसने ऑफिस में फतेहपुर की एक युवती को भी नौकरी पर रखा था। नेटवर्क फैलाने के लिए उसने गांव-गांव पोस्टर लगवाए।
आफिस के पास एक सीसीटीवी कैमरा लगा है। कैमरे में सात अप्रैल की सुबह सदरे आलम और युवती ऑफिस पहुंचे है। वह लोग कुछ सामान लेकर निकले हैं।
विदेश भेजने के नाम पर 50 लोगों को ट्रैवल्स एजेंसी संचालकों ने शिकार बनाया है। पीड़ितों ने बताया कि महमदपुर, सांड़ा, आमापुर, एकारी, महोई, हसवा, सलेमपुर, सेमरा, मानपुर समेत कई गांव के युवक विदेश में नौकरी के नाम ठगी का शिकार हुए हैं। इन्हें ड्राइवर, एसी मैकेनिक, वेल्डिंग, कैंटीन, मॉल में नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया।