जाफरगंज। उत्तर प्रदेश ग्रामीण के गहरूखेड़ा के शाखा प्रबंधक समेत उनके माता-पिता के खिलाफ पुलिस ने बुधवार को धोखाधड़ी समेत संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। शाखा प्रबंधक के विदेश भागने की भी आशंका जताई है। शाखा प्रबंधक और उनके माता-पिता पर दो करोड़ से अधिक धनराशि गबन का आरोप है।
गहरुखेड़ा के शाखा प्रबंधक पवन सचान की जांच को लेकर तीन सदस्यीय टीम बुधवार सुबह 11 बजे बैंक शाखा पहुंची। उन्होंने छह घंटे तक बैंक के अभिलेख, निकासी रजिस्टर, कंप्यूटर डेटा की जांच की। टीम शाम करीब सवा पांच बजे कई अहम दस्तावेजों के साथ मुख्यालय को रवाना हुई। इसमें जानकारी मिली कि शाखा प्रबंधक ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए शाखा में पिता रघुवीर के नाम पर पांच और मां पद्मा के नाम पर छह फर्जी खाते खोले। इसके अलावा कई अन्य रिश्तेदारों के भी फर्जी तरीके से खाते खुलवाए। इसमें सरकारी योजनाओं का ऋण धन कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर हस्तांतरित कराया। इस धनराशि को स्टेट बैंक आफ इंडिया, एचडीएफसी समेत कई अन्य बैंकों के खातों में ट्रांसफर करके निकाल लिया। ये धनराशि दो करोड़ रुपये से अधिक है। इसकी भनक लगने पर मुख्यालय की ओर से तीन जून को ऑडिट टीम भेजी गई। इसके बाद प्रकरण का खुलासा हुआ। शाखा प्रबंधक पवन सचान के विदेश भागने की आशंका भी अधिकारी ने तहरीर में जताई है। बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रदीप कुमार इक्का ने तहरीर देकर कानपुर के थाना सजेती चतुरीपुर निवासी शाखा प्रबंधक पवन सचान, उसके पिता रघुबीर व माता पद्मा देवी के खिलाफ धोड़ाखड़ी करके रुपये निकालने, कूटरचना, धन हड़पने सहित कई संगीन मामलों पर तहरीर दी। उन्होंने कई अन्य लोगों को षड़यंत्र रचने में शामिल होने की आशंका जताई है। इस मामले को लेकर सात दिन बाद मुकदमा दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी प्रमोद कुमार राव ने बताया तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।