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एसबीआई कोर्रा कनक शाखा में फर्जीवाड़ा, मुर्दे के नाम किसान क्रेडिट कार्ड

Wed, 04 Mar 2015 11:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
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स्टेट बैंक आफ इंडिया की कोर्रा कनक शाखा में आठ साल पहले मर चुके किसान के नाम पर किसान क्रेडिट कार्ड बनाया गया। इस कार्ड से 1.20 लाख रुपया भी निकाल लिया गया।
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इसकी जानकारी मृतक के भाई को मिली तो उसने पड़ताल की। शिकायत होने के बाद बैंक के शाखा प्रबंधक ने कैशियर की भूमिका संदिग्ध मानी। आनन-फानन में शाखा प्रबंधक ने कैशियर से निकाले गए रुपये वापस जमा कराए और खाते को बंद कर दिया अब मामले को रफा-दफा करने की तैयारी है।

बांदा जिले के चिल्ला थाना क्षेत्र के लौमर गांव में रहने वाले भानू प्रताप सिंह का पैतृक गांव ललौली थाना क्षेत्र का कोर्रा कनक मजरे मुत्तौर है।

इनके भाई जसवंत सिंह की आठ साल पहले मौत हो चुकी है। दोनों भाइयों के नाम पैतृक गांव में जमीन है। पिछले सप्ताह जसवंत सिंह के हिस्से की जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा करने की कोशिश की।
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इसकी जानकारी मिलने पर भानू प्रताप सिंह कोर्रा कनक मजरे मुत्तौर पहुंचे। यहां पता चला कि आठ साल पहले मरने वाले उनके भाई जसवंत सिंह के नाम फर्जी तरीके से किसान क्रेडिट कार्ड भी जारी हो गया है।

वह दो मार्च को गांव में स्थित भारतीय स्टेट बैंक शाखा पहुंचे। यहां जांच पड़ताल कराई तो पता चला कि उनके भाई जसवंत सिंह के नाम 12 लाख का किसान क्रेडिट कार्ड जारी हुआ है।

इतना ही नहीं  इस खाते से एक लाख 20 हजार रुपया भी निकाल लिया गया है। यह सुनते ही भानू प्रताप  के पैरों तले जमीन खिसक गई।

वह पैसा निकालने के बावत विस्तृत जानकारी मांगे तो बैंककर्मियों ने टरका दिया। उन्होंने उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी दी। साथ ही शाखा प्रबंधक को रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी दी।

मामला बिगड़ता देख शाखा प्रबंधक ने जांच पड़ताल शुरू कराई। फर्जीवाड़ा पकड़ में आने पर बैंक शाखा में कार्यरत कैशियर को हिदायत दी। इस पर कैशियर ने संबंधित खाते से निकाला गया पैसा वापस जमा किया। शाखा प्रबंधक ने खाता बंद कर मामले को रफा-दफा कर दिया।

बैंककर्मियों को मिले सजा
किसान भानू प्रताप का आरोप है कि बैंक कर्मियों की मिलीभगत से उसके मृतक भाई के नाम पर फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड जारी कराया गया है।

खाते से पैसा भी निकाल लिया गया। शाखा प्रबंधक ने पैसे जमा कराकर उनके भाई के नाम का केसीसी खाता तो बंद करा दिया, लेकिन इस मामले की पूरी जांच होनी चाहिए। क्योंकि संभव है कि शाखा में इस तरह के तमाम मामले होंगे।

उन्होंने कहा कि इस मामले की जिलाधिकारी से शिकायत करेंगे। साथ ही अन्य उच्चाधिकारियों से शिकायत करके हर हाल में मामले की जांच कराएंगे।

क्या कहते हैं जिम्मेदार  
बैंक में मृतक के नाम पर केसीसी 24 फरवरी को बना है, जिससे एक लाख बीस हजार रुपए की निकासी हुई थी। मुझे केसीसी में फर्जीवाड़ा करने की खबर मिली थी।

कड़ी हिदायत पर बैंक के कैशियर केके सिंह ने रुपयों को किन्हीं परिस्थितियों में जमा कराया है। खाते को 28 फरवरी को बंद करा दिया गया है।

कैशियर की मामले में भूमिका संदिग्ध है और इसकी जांच होली की छुट्टियों के बाद शुरू करके मुकदमे की कार्रवाई होगी।
- सुनील कुमार -बैंक  शाखा प्रबंधक

मेरे पास इस तरह का कोई शिकायती पत्र नहीं आया है। मामला संज्ञान में आने पर जांच करके आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। प्रकरण में बैंक कर्मियों को भी छोड़ा नहीं जाएगा।
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- वीके गुप्ता, अग्रणी जिला प्रबंधक
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