फतेहपुर। बिजली विभाग की अधिकारी बनकर शहर की एक महिला ने लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब एक करोड़ की ठगी की है। ठगी का शिकार हुए लोगों ने एसपी से शिकायत की। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने महिला और उसके भाई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के आनंदपुरम कालोनी निवासी सुमन मौर्या पत्नी सुभाष चंद्र ने बताया कि हरिहरगंज मोहल्ले की रहने वाली कविता शुक्ला पुत्री महेश शुक्ला ने खुद को पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड वाराणसी में वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी बताया था।
उसने विभाग के उच्च अधिकारियों से अच्छी पहचान होने की बात कही। वह परिचित होने का कारण कविता के झांसे में आ गई। बिजली विभाग में लिपिक के पद पर उसके दोनों बेटों को नौकरी दिलाने के लिए कविता ने वादा किया था। कविता ने नौकरी के बदले 10 लाख रुपये की मांग की।
विश्वास कर पति सुभाष चंद्र के खाते से 19 दिसंबर 2020 को कविता शुक्ला के खाते में 10 लाख रुपये स्थानांतरित किए थे। करीब तीन माह बीतने के बाद नौकरी के बारे में कविता शुक्ला से बातचीत की गई तो वह गुमराह करने लगी।
उसके बारे में गहराई से जानकारी की गई तो पता चला कि वह बिजली विभाग में किसी भी पद पर नहीं है। कविता शुक्ला ने कई लोगों से रुपये लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र दिए हैं। उसने रुपये लौटाने के लिए दबाव बनाया तो कविता शुक्ला ने अपने भाई ऋषभ उर्फ कवी शुक्ला के सिंडीकेट बैंक खाते की दो चेक दीं, लेकिन खाते में रुपये नहीं थे। कविता शुक्ला ने लखनऊ के संदीप सिन्हा के परिवार के कुछ सदस्यों को नौकरी दिलाने के नाम पर 29 लाख 20 हजार रुपये ठगे थे।
उसने संदीप सिन्हा, रोहित सिन्हा, मोहित सिन्हा, रेखा श्रीवास्तव को नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। इन लोगों ने भी इसकी शिकायत की है। कोतवाल सत्येंद्र सिंह ने बताया मामले में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है।