चार दिन थमने के बाद सोमवार को पालिका का बुलडोजर फिर गरजा। शहर में बाकरगंज से हाईवे लखनऊ चौराहे तक कब्जे हटाए जाने थे, लेकिन दस्ते को महज आधे किलोमीटर में ही कब्जे हटाने में पांच घंटे लग गए। लिहाजा बकरमंडी तक अतिक्रमण हटाने के बाद टीम लौट पड़ी। इस दौरान कुछ लोगों ने पुराने पास नक्शे वगैरह दिखाकर टीम को रोकने की कोशिश की, नोकझोंक भी हुई, लेकिन किसी की नहीं सुनी गई।
अतिक्रमण प्रभारी एसडीएम प्रेम प्रकाश तिवारी ने पालिका टीम के साथ बाकरगंज चौराहा से अतिक्रमण हटाओं अभियान दोपहर करीब तीन बजे शुरू किया। सड़क के बीच से दोनों ओर 11-11 मीटर की जद मेें आने वाले मकानों को ढहाया गया। इन जगहों पर पहले ही लाल निशान लगाकर लोगों को खुद अतिक्रमण हटा लेने की चेतावनी दी जा चुकी थी। बकरमंडी के पास बने मकानों-दुकानों को ढहाने में कई लोगों का जरूरी सामान भी मलबे में दब गया। अतिक्रमण हटाने में आसपास के मुहल्लेवासियों व राहगीरों की भीड़ लगी रही। बाकरगंज से पक्का तालाब की सड़क के दोनों ओर मलबे का ढेर लग गया है। वहीं प्रशासन के सख्त रुख को देख कर अन्य चिह्नित मार्गों पर लोग खुद ही कब्जे ढहाने में जुट गए। शहर के पटेल नगर, पत्थर कटा चौराहा, आईटीआई रोड से वर्मा चौराहा तक लेबर लगाकर अतिक्रमण तोड़ने का लोग खुद करा रहे हैं। वहीं, पत्थर कटा चौराहा में लोगों ने भी मजदूर लगाकर मकान तोड़ने का काम शुरू करा दिया है। दुकानों को खाली कराकर लाल निशान के पास से मकान तोड़ना शुरू करा दिए हैं।
फतेहपुर। प्रशासन के अतिक्रमण हटाओ अभियान के खिलाफ एकजुट हुए व्यापारी संगठनों की बंदी सोमवार को फुस्स हो गई। सुबह के समय चौक बाजार में ज्यादातर दुकानें बंद रहीं। उन सभी जगहों पर दुकानें खुली रहीं जहां अतिक्रमण ढहाया जा चुका है या जहां लोग खुद लाल निशान तक कब्जे ढहा चुके हैं।
बता दें कि संयुक्त व्यापार मंडल ने सोमवार से बेमियादी बाजार बंद का आह्वान किया था। चौक बाजार दिन भर बंद रहा। व्यापारी संगठनों केपदाधिकारियों ने प्रशासन के रवैये को तानाशाही करार दिया है। सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष पप्पन रस्तोगी ने दावा किया कि चौक बाजार की सभी दुकाने बंद रही हैं। प्रशासन व्यापारियों की समस्याओं को नजर अंदाज कर रहा है।
फतेहपुर। एसडीएम प्रेमप्रकाश तिवारी ने बताया कि मास्टर प्लान के जद में आने वाले सभी मकानों को गिरा दिया जाएगा। नगर पालिका टीम ने जहां से लाल निशान लगा दिया है, वहां से सभी लोग अतिक्रमण हटा लें। इस अभियान को अंतिम पायदान तक पहुंचाया जाएगा।
फतेहपुर। अधिवक्ता संघर्ष समिति की सोमवार को कचहरी परिसर में बैठक हुई। अध्यक्ष आलोक शर्मा ने कहा कि प्रशासन अतिक्रमण अभियान में तानाशाही रवैया अपनाए हुए है। अभियान चलाने के पहले किसी को सूचना नहीं दी गई है। नोटिस दिए बिना ही घर गिरी करवाना शुरू करा दिया है। सड़क किनारे बहुत से मकान 100 वर्ष पुराने बने हैं। इसके पहले जब भी अतिक्रमण का मापदंड रहा है। वह नाला नाली के ऊपर का रहा है। इस अतिक्रमण में शहर के विकास के नाम पर विनाश हो रहा है। इस मौके पर संजय पांडेय, सत्येंद्र श्रीवास्तव, नफीस अहमद, राजेंद्र भान सिंह, शिव विक्रम सिंह, अजीत राठौर, सुनील वर्मा, मुंशीर खां, शैलेश द्विवेदी, अभिषेक दीक्षित, ममनून खान, शिवाकांत तिवारी, अजय सचान, रामजी सहांय, भरत कुमार, प्रकाश पांडेय, धीरेंद्र वीर, मोहम्मद आसिफ, सुधीर त्रिपाठी मौजूद रहे।
फतेहपुर। नगर पालिका परिषद को सभासद विनय कुमार तिवारी ने सोमवार को डीएम से मुलाकात कर ज्ञापन दिया। अतिक्रमण अभियान में बेघर हुई महिला को आवास दिलाए जाने की मांग की। सभासद ने बताया कि स्वर्गीय राजकुमार की पत्नी कुसुम देवी का मकान आवास विकास मोड़ के पास बना हुआ था। जो अतिक्रमण में पूरा मकान ढहा दिया गया है। पीड़ित महिला व उसके बच्चों को रहने की कोई जगह नहीं है। डीएम ने उन्हें जल्द ही कुछ करने का भरोसा दिया है। ब्यूरो