फतेहपुर। गंगा, यमुना नदी उफान पर हैं। दोनों नदियों का पानी खतरे के निशान की ओर तेजी से बढ़ रहा है। यमुना का तेज बहाव व बाढ़ ने तटवर्ती क्षेत्र के कई गांवों के संपर्क मार्गों को चपेट में ले लिया है। लोगों को कस्बा, ब्लाक व तहसील मुख्यालय जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। गंगा का जलस्तर भी तेजी से उफान मार रहा है।
मध्य प्रदेश के गंगऊ व बरियारपुर बांध का पानी केन नदी से होकर यमुना में आते ही तबाही मचाना शुरू कर दिया है। बाढ़ नियंत्रण के सुबह की रिपोर्ट के मुताबिक ललौली में यमुना का पानी 99.240 मीटर पर पहुंच गया है। बहुआ प्रतिनिधि के अनुसार शाम को यही जलस्तर 99.900 मीटर हो गया है। जो खतरे के निशान से तीन मीटर दूर है। सुबह से शाम तक करीब आठ घंटे के अंतराल में 360 सेंमी. पानी बढ़ा है। यमुना के उफान से ललौली,
किशनपुर, खखरेरू क्षेत्र के प्रमुख मार्गों में बाढ़ का पानी भर गया है। लोग नाव के सहारे सड़कों पर भरे पानी को पार कर रहे हैं। बाढ़ नियंत्रण की रिपोर्ट के अनुसार भिटौरा में गंगा का पानी 99.280 मीटर निशान पर बह रहा है। जो खतरे के निशान से एक मीटर नीचे है।
किशनपुर। यमुना नदी के उफान से तिरहार के सैकड़ों बीघा फसलों में पानी भर गया है। रामलीला मैदान बाढ़ के पानी से घिर गया है। नावों के संचालन पर प्रशासन ने रोक लगा दी है। यमुना नदी में गिरने वाले नालों में बाढ़ जैसी हालत है। इन नालों से होकर तिरहार के गांवों को कस्बा से जोड़ने वाली सड़कों के ऊपर से पानी बहने लगा है। खरीदारी करने के लिए लोगों को नाव से आना पड़ रहा है।
असहट पुलिया डूबी, आवागमन बंद
किशनपुर। तटवर्ती गांव पिपरहा डेरा, गुरवल, मझगवां, गढ़ीवा, सेंधरी, बिकौरा गांव को कस्बा से जोडने वाला असहट मार्ग के नाला की पुलिया यमुना के बाढ़ में डूब गई है। बाइक सवार व अन्य वाहनों से आने वाले लोगों को 15 किमी अधिक चक्कर लगाकर कस्बा आना पड़ता है।
मेला मैदान में पानी भरा
किशनपुर। नगर का प्रसिद्ध रामलीला की तैयारियां दो महीना पहले से शुरू हैं। नवरात्रि पर्व से मेला की शुरू होगा। जो दीपावली तक चलता है। यमुना नदी के रौद्र रूप से रामलीला की तैयारियों पर विराम लग गया है।
ससुर खदेरी नदी का पुल डूबा, वाहनों का आवागमन बंद
खखरेरू (खागा)। यमुना नदी के रौद्र रूप लेते ही ससुर खदेरी नदी में उफान आ गया है। कस्बा से होकर कुल्ली-कोट मार्ग में बना ससुर खदेरी नदी का पुल डूब गया है। तहसील क्षेत्र के गाजीपुर, मीनातारा, कोट, बरार, मकसूदनपुर, नसीरपुर, कुल्ली, दरियापुर, मानूपुर गांव का ब्लाक व तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। इन गांवों को जाने के लिए कोट वाया कुल्ली होकर जाने का मुख्य मार्ग है। प्राइवेट बसें व विक्रम से लोग आवागमन करते हैं। पुल से सवारी वाहनों का आवागमन बंद हो गया है। खेतों में पानी भर गया है। इसमें ज्वार, बाजरा, तिलहन की फसलें बोई हैं। बच्चों का स्कूल आना भी बंद हो गया है।
ललौली-मुत्तौर मार्ग में भरा बाढ़ का पानी, आवागमन बंद
बहुआ। ललौली में यमुना नदी का पानी शाम को 99.900 मीटर पर पहुंच गया है। इससे मुत्तौर-ललौली मार्ग के ऊपर करीब सात फीट पानी भर गया है। कोर्रा कनक से तिरहार के गांवों को जोड़ने वाली सड़क के ऊपर से पानी बह रहा है। ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। तटवर्ती क्षेत्र के मैनाही का डेरा, भूप का डेरा, धोबिया का डेरा, दड़ियार, हड़ाही, बेलखरा, घनश्याम का डेरा, ओनाई, देवरी का यमुना के बाढ़ से संपर्क टूट गया है। अढ़ावल, चौभैया का डेरा, उरौली, मैनाही, हड़ाही गांव में यमुना के तेज बहाव से कटान बढ़ गया है। तिरहार के खेतों में बोई तिल, अरहर की फसलों में भी बाढ़ का पानी भर गया है।
इनसेट-
चार दिन में गंगा-यमुना बढ़ा जलस्तर (रिपोर्ट मीटर में)
दिन स्थान जलस्तर खतरे का निशान
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बुधवार गंगा नदी भिटौरा 98.930 100.860
यमुना ललौली 97.200 103
यमुना दतौली 96.100 103
गुरुवार गंगा भिटौरा 99.090 100.860
यमुना ललौली 97.300 103
यमुना दतौली 96.20 103
शुक्रवार गंगा भिटौरा 99.240 100.860
यमुना ललौली 98.150 103
यमुना दतौली 97.050 103
शनिवार गंगा भिटौरा 99.280 100.860
यमुना ललौली 99.900 103
यमुना दतौली 98.700 103