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नाली निर्माण में धांधली का मामला

Mon, 27 Mar 2017 12:01 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फतेहपुर
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इंटरलाकिंग सड़क निर्माण की जांच करते नायब तहसीलदार सिराजुउद्दीन। - फोटो : Amar ujala
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 नगर पंचायत में इंटरलाकिंग और नाली निर्माण में धांधली की जांच देखते-देखते जनता ऊब गई है। जब भी दबाव बना एक टीम जांच करने आ जाती है। नापजोख, बयान सब होता है लेकिन नतीजा नहीं निकलता। इस बार पांचवीं जांच टीम को देखकर लोग चौंके। पर टीम ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही उनकी रिपोर्ट पर कार्रवाई होगी।


बता दें कि नगर के समाजसेवी उमाशंकर ने आरटीआई डालने के साथ ही डूडा और लखनऊ सूडा विभाग में कई बार धांधली की शिकायत की थी। रविवार को नायब तहसीलदार सिराजुउद्दीन टीम के साथ जांच करने पहुंचे। उमाशंकर का कहना है कि वार्ड एक और दो में करोड़ों रुपये की लागत से इंटरलाकिंग करीब 5109 मीटर का निर्माण होना था लेकिन इंटरलाकिंग कम कर घालमेल कर लिया गया। करीब 668 मीटर इंटरलाकिंग में खेल हुआ है।
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रविवार की जांच टीम में कानूनगो अमरपाल सिंह और शिकायतकर्ता उमाशंकर भी मौजूद रहे। इस पूरे मामले में ईओ राजमणि वर्मा का कहना है कि जांच टीमें अपनी रिपोर्ट दे देती हैं लेकिन संबंधित पक्ष भरोसा न करते हुए फिर शिकायत कर देते हैं।
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कब-कब जांचने आई टीम:
- पहली जांच 13 दिसंबर को परियोजना अधिकारी डूडा की टीम ने की।
- दूसरी जांच तीन जनवरी को सहायक अभियंता पीडब्लूडी वीरेंद्र सिंह यादव ने की।
- तीसरी जांच अधिशासी अधिकारी राजमणि वर्मा ने खुद की। इसमें आरोप लगा कि रिपोर्ट में जितना काम नहीं हुआ था उससे ज्यादा दिखा दिया गया। इसकी फिर शिकायत हुई।
- चौथी जांच 14 फरवरी को राज्य नगरीय विकास अभिकरण की टीम ने की। नेतृत्व मुख्य अभियंता कमलजीत सिंह ने की। जांच रिपोर्ट नहीं आई।
- अब पांचवीं जांच करने रविवार को नायब तहसीलदार की टीम पहुंची।
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