फतेहपुर। कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर हसवा स्थित करोड़ों की जमीन पर कब्जे के विवाद में मारपीट और फायरिंग के मामले में भाजपा जिला पंचायत सदस्य अजय सिंह उर्फ रिंकू लोहारी समेत पांच आरोपियों को पुलिस ने बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर सभी को जेल भेज दिया गया।
थरियांव थाना क्षेत्र के हसवा में विवादित भूमि पर कब्जे को लेकर लोहारी गांव के जिला पंचायत सदस्य अजय सिंह और हसवा के वीरेंद्र सिंह राठौर के बीच विवाद हुआ था। वीरेंद्र पक्ष से विहिप नेता अजय राज सिंह उर्फ अंशू सिंह भी पहुंचे थे। दोनों पक्षों में मारपीट के बाद फायरिंग हुई थी।
पुलिस ने हत्या की कोशिश के मामले में जिला पंचायत सदस्य अजय सिंह, उनके पक्ष के गाजीपुर थाने के सेवरामऊ निवासी बलराम मिश्रा, थरियांव थाने के खलीलनगर निवासी पुत्तू उर्फ नरेंद्र, मलवां थाने के सेनीपुर मलौनी निवासी गुड्डू पटेल और सदर कोतवाली के मसवानी निवासी शिवकुमार को गिरफ्तार किया।
अजय सिंह की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त सिंगल बैरल बंदूक बरामद की गई। तीन 12 बोर कारतूस और एक खोखा कारतूस भी मिला। लाइसेंसी बंदूक (मोडीफाइड रिपीटर) रिंकू सिंह के नाम पंजीकृत मिली। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त स्काॅर्पियो और एक्सयूवी भी बरामद कर सीज कर दी हैं। विवेचक ने अजय सिंह के खिलाफ हत्या की कोशिश समेत नौ धाराओं के अलावा लाइसेंसी शस्त्र दुरुपयोग की धारा भी बढ़ाई है।
अजय सिंह के खिलाफ पुलिस को 2020 में हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज मिला है। बलराम मिश्रा के खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज हैं, जबकि पुत्तू उर्फ नरेंद्र, गुड्डू पटेल और शिवकुमार के खिलाफ वर्तमान मुकदमा दर्ज मिला। प्रभारी निरीक्षक एसबी सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर पांचों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।