कोटेदार के जहर खाकर आत्महत्या किए जाने के मामले में नौ सूदखोरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
जहानाबाद थाने में बुधवार रात को तहरीर दी गई थी। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया है।
बकेवर थाना क्षेत्र के मुसाफा गांव निवासी शंकर दयाल का बेटा रमेश चंद्र गुप्ता उर्फ पूतू (40) गांव के कोटा का संचालक था। वह मंगलवार दोपहर जहानाबाद किसी काम से गए थे। जहानाबाद साढ़ मार्ग पर रमेश चंद्र ने जहर खा लिया था। कानपुर हैलट में इलाज दौरान कोटेदार की मौत हो गई थी।
कोटेदार की बेटी नंदिनी और पत्नी रेनू सूदखोरों पर आरोप लगाए थे। रेनू का आरोप है कि मुसाफा का सूदखोर सुशील तिवारी घर से ले गए थे। पति पर दबाव बना रहे थे। मामले में सुसाइड नोट में नौ सूदखोरों का कोटेदार ने जिक्र किया था। रेनू की तहरीर और सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने मुसाफा गांव के सुशील तिवारी, राजा सिंह, झल्लर उर्फ विनोद, प्रमोद, मुन्ना, सुशील गुप्ता, श्रीराम तिवारी, बिंदा और धर्मेंद्र निवासी जरारा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। आत्महत्या के लिए उकसाने, धमकी और गाली गलौज की रिपोर्ट दर्ज की है। कोटेदार पर इन लोगों का करीब 20 लाख का कर्ज था। अपर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि एफआईआर दर्ज की गई। आरोपियों की तलाश की जा रही है।