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देवरी बुजुर्ग के छात्र हत्याकांड और बलवे में 171 लोगों पर एफआईआर........

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शव का अंतिम संस्कार करने के लिए परिजनों को समझाते खागा कोतवाल आरके सिंह - फोटो : FATEHPUR
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जाफरगंज (फतेहपुर)। जाफरगंज थाना क्षेत्र के देवरी बुजुर्ग गांव में शनिवार को पूर्व प्रधान और निवर्तमान प्रधान पक्षों के बीच हुए बवाल में दो मुकदमे दर्ज हुए हैं।
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पहला मुकदमा छात्र की हत्या का दर्ज हुआ है। जबकि दूसरा पुलिस की ओर से दर्ज कराया गया है। जिसमें दोनों पक्षों पर बलवा समेत कई संगीन धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
वहीं गिरफ्त में आए पूर्व प्रधान और उसके बेटे को जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने पूर्व प्रधान की दोनाली बंदूक बरामद करने के साथ ही जेसीबी व ट्रैक्टर को सीज किया है।
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अरगल गांव के पूर्व प्रधान सभाजीत सिंह और देवरी बुजुर्ग निर्वतमान प्रधान अंकित शुक्ला उर्फ अंशू के बीच वर्चस्व को लेकर शनिवार को बवाल हुआ था।
जिसमें देवरी के जय सिंह आरख का बेटा अभिषेक उर्फ चुन्नी (16) की गोली लगने से मौत हो गई थी। जबकि उसके चाचा नरेंद्र पैर में गोली लगने से घायल हुआ था।
मामले में देर रात जय सिंह की ओर से उसके बेटे अभिषेक की हत्या और नरेंद्र की हत्या का प्रयास का रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मामले में अरगल के पूर्व प्रधान सभाजीत सिंह और उसके बेटे दीपक सिंह, विवेक सिंह व अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है।
जय सिंह का आरोप है कि सभाजीत और उसके साथियों ने छत से लाइसेंसी और अवैध असलहों से बेटे और चचेरे भाई नरेंद्र पर गोलियां चलाई। दूसरी एफआईआर देवरी बुजुर्ग चौकी इंचार्ज रजनीश तिवारी ने दर्ज कराई है।
जिसमें देवरी निर्वतमान प्रधान अंकित उर्फ अंशू शुक्ला, संजय शुक्ला, राजू शुक्ला, त्रिपुरेश त्रिवेदी समेत इस पक्ष के 150 समर्थकों और दूसरे पक्ष के सभाजीत सिंह, विवेक सिंह, दीपक सिंह व उनके 10-15 समर्थकों को आरोपी बनाया गया है।
इन पर आरोप है कि असलहों, लाठी डंडे, ईंट पत्थर से एक दूसरे पर हमला किया। रोकने पर सरकारी कार्य में बाधा डाली। भीड़ में गोली चलाई गई। जिसमें अभिषेक की मौत हुई ओर नरेंद्र घायल हुआ।
पुलिस ने सभाजीत सिंह और उसके बेटे विवेक सिंह को जेल भेज दिया है। एसपी सतपाल सिंह ने बताया कि बलवे में शामिल सभी लोग जेल भेजे जाएंगे।
अरगल के पूर्व प्रधान सभाजीत सिंह देवरी शनिवार को बाइक से जा रहे थे। रास्ते में कुछ लोग मशीन से पुआल कतराई कर रहे थे। धूल उड़ने का सभाजीत ने खेत मालिक जय किशोर रैदास को गालियां देने के साथ ही मशीन चालक को पीटा दिया।
यह मामला देवरी निर्वतमान प्रधान अंशू शुक्ला के पास पहुंचा था। उन्होंने पुलिस से शिकायत की थी। उसके बाद अंशू और सभाजीत सिंह के बीच मोबाइल पर विवाद हुआ।
इसके बाद सभाजीत शाम को देवरी मेला पहुंच गए और देवरी गांव के लोगों को सामूहिक रूप से गालियां दी। इस पर ग्रामीण अंशू के साथ सभाजीत पक्ष की घेराबंदी को पहुंचे थे। तभी दोनों पक्षों के बीच बवाल हो गया।
फतेहपुर। देवरी बुजुर्ग गांव के छात्र हत्याकांड को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त हैं। ग्रामीण दो गुटों की आपसी रंजिश का शिकार छात्र को मान रहे हैं।
पोस्टमार्टम हाउस से लेकर अंतिम संस्कार तक पुलिस फोर्स की भारी तैनाती रही। अंतिम संस्कार से पहले गांव में शव परिजनों ने रोक दिया। मृतक के सूरत में रहने वाले बड़े भाई के आने पर अंतिम संस्कार की बात कही।
पुलिस प्रशासन ने मुआवजे और आरोपियों को पकड़ने का आश्वासन दिया। भीड़ से कोरोना फैलने का वास्ता देकर शव अंतिम संस्कार के लिए राजी कर सके। दोपहर बाद चंद्रिका घाट में शव का अंतिम संस्कार हुआ।
देवरी गांव का गोलीकांड में जान गंवाने वाले अभिषेक परिवार में सबसे छोटा था। परिवार में शादीशुदा बड़ी बहन प्रीती, मां सुनीता और बड़ा भाई विशेख हैं।
पिता जय सिंह राजगीर मिस्त्री है। परिवार अभिषेक की मौत से बेहाल है। पोस्टमार्टम होने के बाद सुबह करीब 11 बजे शव गांव पहुंचा। तो परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया।
यह सुनकर पुलिस प्रशासन के होश उड़ गए। परिजनों ने सूरत में रहने वाले विशेख के लौटने पर बेटे का अंतिम संस्कार करने की बात कही। इस पर खागा कोतवाल आरके सिंह ने परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
करीब एक घंटे बाद अंतिम संस्कार के लिए परिवार को राजी कर सके। इधर पोस्टमार्टम हाउस में हथगाम, कोतवाली और चांदपुर थाने का फोर्स मौजूद रहा।
देवरी गांव में एएसपी राजेश कुमार , एडीएम लाल प्रताप शाक्या, एसडीएम प्रियंका सिंह, सीओ जाफरगंज संजय शर्मा, सीओ बिंदकी योगेंद्र मलिक और खागा, हथगाम ,चांदपुर, बकेवर, जाफरगंज जहानाबाद, कल्यानपुर, बिंदकी, ललौली थानेदार फोर्स के साथ मौजूद रहे। पुलिस फोर्स चंद्रिकन घाट में चिता जलवाने तक मौजूद रहा।
पोस्टमार्टम में गोली नहीं निकली है। गोली बायीं ओर छाती में घुसी और दाहिनी ओर से निकली है। पोस्टमार्टम तीन डाक्टरों आलोक कुमार, शिव सिंह, मोहम्मद कलीम के पैनल ने वीडियो रिकार्डिंग में किया है।
फतेहपुर। भीड़ पर गोलियां चलाने वाला पूर्व प्रधान सभाजीत पहले से दुस्साहसिक रहा है। वारदात के बाद पहले का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। चर्चा है कि आरोपी ने दबंगई के चलते ही बेशकीमती संपत्ति बनाई थी।
अब वह मैरिज हाल खड़ा करने की तैयारी में था। वह 2001 में अरगल का प्रधान हुआ था। उसने दो साल पहले 2018 में किसी मामले में पहुंची सरकारी टीम पर हमला किया था।
उसके खिलाफ बलवा, मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा समेत कई धाराओं में मामला दर्ज हुआ था। उसके पहले 2004 में सभाजीत पर गंभीर चोट पहुंचाने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। 2012 में भी बलवा और मारपीट और हत्या का प्रयास का आरोपी पर मामला दर्ज है। उससे क्षेत्र की जनता डरती थी।
पूर्व प्रधान सभाजीत सिंह और निवर्तमान प्रधान अंशू शुक्ला जेसीबी संचालक है। दोनों पक्ष जेसीबी से मिट्टी का अवैध खनन कराते हैं। इसे लेकर भी पक्षों के बीच पुरानी खुन्नस चली आ रही है।
पंचायत चुनाव में सभाजीत का बेटा विवेक सिंह जिला पंचायत की तैयारी कर रहा था। अंशू शुक्ला भी जिला पंचायत की तैयारी में था। उनके बीच ग्रामीणों को वर्चस्व दिखाने का शनिवार को हुई घटना किसी मौके से कम नहीं थी।
देवरी गांव में डीएम संजीव सिंह और एसपी सतपाल सिंह रात एक बजे तक की रहे। आरोपी पूर्व प्रधान और निर्वतमान प्रधान अंशू शुक्ला के घरों में ताले लगे हैं। उनके समर्थक गांव छोड़कर भागे हैं। दहशत के चलते रविवार को बाजार नहीं खुला।
देवरी गोलीकांड प्रकरण में चौकी इंचार्ज रजनीश तिवारी के खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए हैं। उन पर कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक सतपाल सिंह ने बताया कि चौकी इंचार्ज पर जांच बैठाई है। एसपी ने थाना प्रभारी को भी फटकार लगाई है।
पुलिस की जांच में एक और खुलासा हुआ है। जिसमें सभाजीत सिंह के बेटे विवेक सिंह को शनिवार दोपहर अंशू शुक्ला अपने साथियों संग उठा ले गया था। कमरे में बंद कर विवेक की पिटाई की थी। इसका वीडियो बनाकर सभाजीत को भेजा था। यह बात भी सभाजीत पक्ष को घात कर गई थी।

अभिषेक की फाइल फोटो- फोटो : FATEHPUR

रोती बिलखती बहन प्रीती व अन्य परिजन- फोटो : FATEHPUR

देवरी चौकी पर मौजूद पुलिस फोर्स- फोटो : FATEHPUR

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