फतेहपुर। गर्भवती महिला की पिटाई से गर्भस्थ शिशु की मौत के मामले में शुक्रवार को कोर्ट ने पिता-पुत्र को दोषी करार दिया। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट हरि प्रकाश गुप्ता ने दोनों को पांच-पांच साल की कैद और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
हुसैनगंज थाना क्षेत्र के मोहीउद्दीनपुर निवासी राकेश लोधी ने बताया कि गांव का रमेश लोधी आठ जून 2021 को पुत्र भीम के साथ उसके घर पहुंचा। उसकी गैरमौजूदगी में दोनों गर्भवती पत्नी माधुरी देवी को गालियां दे रहे थे।
विरोध करने पर दोनों ने लात-घूंसों से पिटाई कर दी। पेट और शरीर में गंभीर चोट लगने के बाद माधुरी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। चोटों के कारण उसके गर्भ में पल रहे आठ माह के बच्चे की मौत हो गई।
मामले की सुनवाई के दौरान छह गवाहों ने न्यायालय में गवाही दी। कोर्ट ने दोनों को गर्भपात, गाली-गलौज और धमकी देने के मामले में दोषी मानते हुए सजा सुनाई।