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तीन साल में 31 करोड़ की परियोजना को नहीं लगे पंख

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तहसील रोड स्थित ओवरहेड टैंक। संवाद - फोटो : FATEHPUR
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बिंदकी। नगर की बढ़ती आबादी को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए तीन साल पहले 31 करोड़ की लागत से तीन ओवरहेड टैंक निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया था। जो आज तक शासन की फाइलों में अंडरग्राउंड है।
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कस्बे के 25 वार्डों में रहने वाले लोगों तक पानी पहुंचाने के लिए सिर्फ एक ओवरहेड टैंक और 14 नलकूप हैं। इनमें से एक नलकूप खराब है। 1964 में बना जर्जर ओवरहेड टैंक कंडम घोषित हो चुका है।
ऐसे में जो जलापूर्ति हो रही है, उसका पानी लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। भवनों की ऊपरी मंजिलों में पानी पहुंचता नहीं है। इस समस्या से निजात के लिए नगर पालिका ने तीन साल पहले तीन नए ओवरहेड टैंकों के निर्माण के लिए 31 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा था।
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इनके निर्माण के लिए नगर पालिका ने कस्बे के मोहल्ला हजरतपुर पूर्वी, ईदगाह मैदान और कुंवरपुर रोड पर स्थान भी चिह्नित कर लिए थे लेकिन परियोजना को अभी तक मंजूरी नहीं मिल सकी है।
महाजनी गली निवासी अवध नारायण पांडेय ने बताया कि मोहल्ले की आबादी ऊंचाई पर होने के कारण पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं पहुंच पाती। ऐसे में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
लाहौरी मोहल्ला निवासी अनुज त्रिवेदी ने बताया कि वाटर लाइनों में प्रेशर की कमी है। घरों की ऊपरी मंजिलों में पानी नहीं पहुंच पाता है। पर्याप्त मात्रा में पानी की टंकियां हों, तो यह समस्या दूर हो सकती है।
तीन साल पहले शासन को तीन ओवरहेड टैंकों के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया था। प्रस्ताव भेजने के बाद से अब तक तीन बार रिमाइंडर भी भेजा गया, लेकिन प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली। फिलहाल नलकूपों से सीधे जलापूर्ति की जा रही है।- निरुपमा प्रताप, ईओ

अवध नारायण पांडेय। संवाद- फोटो : FATEHPUR

अनुज त्रिवेदी। संवाद- फोटो : FATEHPUR

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