थरियांव। मामी से अवैध संबंधों के चलते भांजे ने ही मामा की गोली मारकर हत्या की थी। सोमवार को पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया।
वहीं मृतक की पत्नी को साजिश रचने का आरोपी बनाया है। फिलहाल मृतक की पत्नी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। संपत्ति हाथ से फिसलती देखकर घटना को अंजाम देना पुलिस ने माना है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के शांतिनगर मोहल्ला निवासी शिवशरण सिंह यादव प्रापर्टी कारोबारी था। वह सात फरवरी को प्रेमिका से मिलने अतरहा गांव गया था। जहां से लौटते समय उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
हत्याकांड में मृतक की पत्नी ने प्रेमिका के पिता (रिश्ते में मृतक का ममेरा ससुर) और कुछ अज्ञात लोगों पर पति की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच के बाद सोमवार को मृतक के भांजे पंकज को जेल भेज दिया।
पंकज की निशानदेही पर घटनास्थल के पास झाड़ियों से तमंचा भी बरामद किया है। मृतक की पत्नी बीना को साजिश रचने का आरोपी बनाया है। प्रभारी निरीक्षक/विवेचक अमर सिंह रघुवंशी ने बताया कि गाजीपुर थाने के पखरौली गांव निवासी पंकज कई सालों से मामा के साथ उसके शांतिनगर स्थित घर में रहता है।
इधर, शिवशरण और उसकी पत्नी के बीच मनमुटाव चलता था। उनके बीच कई बार विवाद हो चुका था। करीब दो साल से शिवशरण का प्रेम प्रसंग चल रहा था। वह घर छोड़कर अक्सर पैतृक गांव कौंडर थाना असोथर में रहता था।
इस दौरान भांजे के अपनी मामी से अवैध संबंध हो गए। इधर शिवशरण भी आपसी मनमुटाव के चलते दूसरी शादी करना चाहता था। जिससे संपत्ति की दावेदार दूसरी पत्नी भी हो जाती।
संपत्ति को हाथ से फिसलता देखकर पंकज ने मामी के साथ मामा की हत्या की योजना बनाई। घटना की रात शिवशरण के साथ बाइक से पंकज अतरहा गांव गया था। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि प्रेमिका ने अपने पिता के मोबाइल से पंकज के नंबर पर फोन मिलाया था।
पंकज ने मामा के साथ अतरहा पहुंचने की बात कही थी। घर से प्रेमिका अपनी एक रिश्तेदार युवती के साथ पुल के पास खेत में शिवशरण से मिलने पहुंची। शिवशरण ने यहां नया सिमकार्ड और मोबाइल की बैटरी प्रेमिका को दी।
प्रेमिका ने साथ में आई युवती को फोन, बैटरी, सिमकार्ड दिया और सरसों के खेत में शिवशरण के साथ चली गई। उस युवती ने फोन चालू किया और किसी से बातचीत की। इस दौरान युवती ने शिवशरण के साथ आए पंकज की कद, काठी को पहचान लिया था।
कुछ देर बाद दोनों घर जा रही थी, रास्ते में ही उन्हें गोली चलने की आवाज सुनाई दी। जिसके बाद ही प्रेमिका ने शिवशरण को फोन मिलाया। फोन नहीं मिलने पर उसने पंकज से नए वाले नंबर पर बातचीत की, लेकिन रात को पंकज घटनास्थल नहीं पहुंचा।
उसने पुलिस को भी जानकारी नहीं दी। जिससे साफ हुआ कि पंकज ने हत्या की और उसके बाद मौके से भाग निकला था। विवेचक के मुताबिक शिवशरण प्रेमिका से शादी करने जा रहा था। संपत्ति बचाने के लिए शिवशरण की पत्नी बीना ने भांजे पंकज से पति की हत्या करा दी। मामला खत्म होने पर बीना और पंकज शादी कर लेते और सारी संपत्ति पंकज की हो जाती।
गोली मारने और पंकज को भगाने में कोई शामिल
करीब आठ बजकर 20 मिनट के आसपास गांव के लोगों ने गोली चलने की आवाज सुनी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार एक गोली का एंट्री प्वाइंट छाती है, वहीं दूसरी गोली का एंट्री प्वाइंट पीठ पर कंधे के नीचे का हिस्सा है।
घटनास्थल से तालाब तक मृतक का खून बहा है। ग्रामीणों के मुुताबिक फायर लगातार किए गए। जिससे दो चीजें सामने आती हैं कि अगर तमंचे से गोली मार गई तो दो लोग रहे होंगे। पहली गोली सीने में लगने के बाद मृतक जान बचाने को मुड़कर भागा होगा।
तो दूसरी गोली मार दी गई। जान बचाने को भागते समय शिवशरण पानी में कूद गया। दूसरी बात यह कि गोली मारने में राइफल का इस्तेमाल हो सकता है। कुछ सेकेंड में दो फायर हुए। पुलिस जांच में यह भी पता लगा सकी है कि गोली मारने के बाद पंकज कैसे और किस वाहन से भागा।
क्योंकि मृतक की बाइक हत्या के बाद मौके से मिली, जबकि पुलिस का दावा है कि पंकज मृतक के साथ घटनास्थल पहुंचा था। इन हालातों से साफ है कि पंकज के साथ और कोई भी था।