खागा। तहसील क्षेत्र में रहने वाले पात्र गृहस्थी लाभार्थियों का एक यूनिट राशन खुलेआम काटा जा रहा है। जिस पर न तो पूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर गंभीर है और न ही तहसील के अधिकारी। आंकड़ों पर जाएं तो एक महीने में करीब 14000 क्विंटल अनाज जो लाभार्थियों के घर पहुंचना चाहिए। उसे सिस्टम में बैठे लोग खा रहे हैं।
मौजूदा समय हर महीने दो बार राशन देने का नियम हैं। नियमानुसार पात्र गृहस्थी के लाभार्थी को एक यूनिट (सदस्य) पर पांच किलोग्राम अनाज मिलना चाहिए। उदाहरण के तौर पर समझे तो अगर परिवार में चार लोग हैं तो उस लाभार्थी को 20 किलोग्राम अनाज मिलना चाहिए।
पूर्ति विभाग के आंकड़ों में तो हर लाभार्थी को पूरा अनाज मिल रहा है। जबकि हकीकत ये है कि हर कोटेदार के यहां हर कार्ड पर एक यूनिट की कटौती खुलेआम की जाती है।
यानी परिवार में चार सदस्यों की जगह उन्हें तीन सदस्यों का ही अनाज मिलता है। पांच किलोग्राम कटौती कर इसे हजम कर लिया जाता है। कार्डधारक इसकी शिकायत करते हैं लेकिन सिस्टम से जुड़ा हर अधिकारी और कर्मचारी इस शिकायत को उसी तरह डकार जाता है, जिस तरह से कार्ड पर एक यूनिट की कटौती।
पांच किलोग्राम अनाज में तीन किलोग्राम गेहूं व दो किलोग्राम चावल मिलता है। तहसील के चार ब्लाकों और तीन नगर पंचायतों में करीब 140816 पात्र गृहस्थी के राशन कार्ड हैं।
इन राशन कार्डों में से एक-एक यूनिट राशन कटौती की जाती है। राशन कार्डों में कटौती के आधार पर करीब 704080 किलोग्राम राशन की कटौती एक बार में की जाती है।
जबकि हर महीने दो बार अनाज देने का नियम हैं। इस तरह से करीब 14 हजार क्विंटल अनाज एक महीने में कोटेदारों के द्वारा कटौती करके सिस्टम पर खर्च करता है। चार ब्लाक और तीन नगर पंचायत में करीब 352 सरकारी राशन की दुकानें हैं।
क्या कहते हैं लाभार्थी
ऐरायां ब्लाक के सोनावरदेई गांव की पात्र गृहस्थी के लाभार्थी अमर सिंह यादव, राधेलाल पासवान, वीरेंद्र सिंह, बड़इयापुर के लाभार्थी लालमन पटेल, बड़का, झुरई, राजाराम ने बताया कि हर महीने दो बार राशन वितरण में एक-एक यूनिट की कटौती की जाती है। शिकायत पर कार्रवाई नहीं होती। उल्टा कोटेदार भी कार्ड निरस्त करा देने की धमकी देता है, इसलिए कुछ दिनों बाद लोग भी चुप हो जाते हैं।
क्या कहते हैं कोटेदार
कोटेदारों का कहना है कि हाट विपणन शाखा के गोदामों से मिलने वाले राशन पर हर 50 किलोग्राम की बोरी में 4 से 5 किलो राशन कम होता है। बोरी तौलकर नहीं दी जाती है। पल्लेदारी, भाड़ा, अलग से देना पड़ता है। विभाग को भी पैसा भेजना पड़ता है।
एक यूनिट के राशन की कटौती की जो शिकायतें मिलती है। उन पर जांच कर कोटेदारों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। गोदामों से उठान के समय बोरियों में कम राशन होने की जांच कराई जाएगी। - प्रभाकर त्रिपाठी, एसडीएम खागा
ब्लाकवार राशन कार्डों व यूनिट की संख्या
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ब्लाक कार्डों की संख्या यूनिट की संख्या
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ऐरांया 31271 132447
धाता 32565 132892
हथगाम 35128 146563
विजयीपुर 33855 138708
खागा नगर 5061 21470
किशनपुर 1044 4246
हथगाम नगर 1892 7580
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कुल - 140816 - 583906
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