फतेहपुर। क्रय केंद्र में धान बेचने के लिए पंजीकरण कराने वाले नौ हजार किसान सत्यापन के लिए भटक रहे हैं। पंजीयन का सत्यापन कराने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। किसानों के पूछने पर लेखपाल कह रहे हैं, रिपोर्ट लगा दी है, लेकिन कंप्यूटर में पंजीयन लंबित दिखा रहा है। जब तक सत्यापन नहीं होगा, किसान धान नहीं बेच पाएंगे।
किसानों का धान खरीदने के लिए जिले में 81 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें उन्हीं किसानों के धान की तौल कराई जाती है, जिनका पंजीकरण होने के बाद एसडीएम से सत्यापन किया जाता है।
एसडीएम से पहले क्षेत्रीय लेखपाल को रिपोर्ट लगानी पड़ती है कि पंजीयन कराने वाले किसान ने कुल खेतों में कितने क्षेत्रफल में धान की फसल लगाई थी। एक हेक्टेयर में 53 क्विंटल धान की तौल कराने का नियम है।
अब तक जिले के 33 हजार 228 किसानों ने पंजीयन कराया है। जिसमें 7152 किसानों ने क्रय केंद्र में अपने धान की तौल करा दी है। 16614 किसानों के सत्यापन हो चुके हैं, लेकिन अभी इनके धान की तौल नहीं हुई। वहीं 9462 किसान ऐसे हैं, जिनका अभी तक सत्यापन नहीं हुआ है।
असोथर क्षेत्र के हरनवां गांव के प्रेमसिंह का कहना है कि पंजीयन कराए दो महीना बीत गए हैं। 133 क्विंटल का पंजीयन है। सत्यापन न होने के कारण धान नहीं बेच पा रहे हैं। लेेेखपाल से भी कई बार कह चुके हैं।
बौंडर के वीर प्रकाश दुबे ने बताया कि 72 क्विंटल धान बेचने का पंजीयन कराया हैं। एक महीना बीत गया हैं। लेखपाल से पता किया तो लेखपाल का कहना है कि अभी सत्यापन पोर्टल में नहीं आया है।
पंजीयन कराने वाले किसानों की सूची:
किसान - सत्यापित - लंबित - धान बेचने वालों की संख्या
बिंदकी - 6161 - 3058 - 1649 - 1409
सदर - 17416 - 8708 - 4649 - 4059
खागा - 9696 - 4848 - 3164 - 1684
धान सत्यापन में लेखपालों को लगाया गया है। लेखपालों की रिपोर्ट के बाद भी किसान के द्वारा लगाए गए धान का क्षेत्रफल तय होता है। उसी आधार से सत्यापन किया जाता है। एक हफ्ते में लंबित खाते भी सत्यापित कर दिए जाएंगे। - नंदप्रकाश मौर्य, एसडीएम सदर