फतेहपुर। धान खरीद 25 दिन पहले ही बंद किए होने से किसानों के साथ केंद्र प्रभारियों की दिक्कतें भी बढ़ गई हैं। जिन किसानों को केंद्र प्रभारियों ने एक-दो दिन में धान की तौल कराने का आश्वासन दिया था।
उनका धान क्रय केंद्र में डंप है। विभागीय जानकारों की माने तो अकेले पीसीएफ के क्रय केंद्रों पर 10 हजार क्विंटल से अधिक धान पड़ा हुआ है। तौल न शुरू हुई, तो किसानों को धान उठा कर घर ले जाना पड़ेगा।
एक नवंबर से शुरू हुई धान खरीद 28 फरवरी तक होनी थी। ऐसे में किसानों का धान क्रय केंद्रों में लगा है। वह अपना नंबर आने का इंतजार कर रहे थे। इसबीच पीसीएफ के 24 और नैफेड के 17 क्रय केंद्रों की धान खरीद पर रोक लगा दी गई।
ऐसे में 35 क्रय केंद्रों पर 10 हजार क्विंटल से अधिक धान डंप है। पीसीएफ क्रय केंद्रों की बात की जाए तो सहकारी समिति सीतापुर, सहकारी संघ गाजीपुर, खागा, बुदवन, गाजीपुर समिति, मुरांव क्रय केंद्रों में धान के ढेर लगे हैं।
अगर धान की तौल शुरू न हुई, तो किसानों को ट्रैक्टर में लाद कर घर ले जाना पड़ेगा। सीतापुर सहकारी समिति के अध्यक्ष बाबूसिंह ने बताया कि करीब 300 क्विंटल धान क्रय केंद्र में पड़ा है। चार ट्राली धान शनिवार को किसान लेकर आए थे, जिसे लौटा दिया गया है।
चावल की रिकवरी कम होने की बात कह किसानों को लौटाया
असोथर। असोथर क्रय केंद्र में छह ट्रैक्टरों में लदे धान की केंद्र प्रभारी ने शनिवार को जांच कराई। धान में 59 प्रतिशत चावल की रिकवरी आई। केंद्र प्रभारी ने धान मानक विहीन होने की बात कहकर किसानों को लौटा दिया।
इस पर किसानों ने केंद्र प्रभारी व अधिकारियों पर सवाल उठाए। सरकंडी के किसान मूलचंद्र, दिनेश, बैजनाथ, कल्लू और कौंडर के किसान अनूप, संतोष एक-एक ट्राली में धान लाद कर लाए थे।
इन किसानों ने कहा कि क्रय केंद्र में 50 रुपये क्विंटल लिया जाता है। जिनसे रुपया मिलता है, उन्हीं के धान की तौल कराई जाती है। रुपये न देने की बात पर धान को मानक विहीन बताकर लौटा दिया गया है।
धान खरीद पर शासन से रोक लगाई है। जिले से इसका कोई लेना देना नहीं है। हाटशाखा, भारतीय खाद्य निगम और मंडी समिति के क्रय केंद्रों में धान की तौल हो है, जिन किसानों के धान की तौल नहीं हो पाई है। वह हाटशाखा, मंडी समिति और एफसीआई के क्रय केंद्रों में अपने धान की तौल करा सकते हैं। - अविनाश झा, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
सीतापुर साधन सहकारी समिति में डंप धान। संवाद। संवाद- फोटो : FATEHPUR