सीएचसी बिंदकी का बंद ऑपरेशन थिएटर। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
बिंदकी। कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत कितनी पंगु है, इसका उदाहरण बिंदकी सीएचसी है। अस्पताल में 18 साल बाद हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती तो हो गई लेकिन संसाधनों के अभाव में मरीज रेफर किए जा रहे हैं।
सीएचसी में जुलाई माह में हड्डी रोग विशेषज्ञ सर्जन डॉ.मनीष चौरसिया की तैनाती हुई थी। 18 साल बाद सीएचसी को हड्डी का डॉक्टर नसीब हुआ। इससे पहले 2003 में हड्डी के डॉ.अनिल गुप्ता यहां तैनात थे। उनके स्थानांतरण के बाद से यह पद रिक्त चल रहा था।
हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती तो अब हो गई लेकिन इलाज में संसाधनों की कमी आड़े आ रही है। डॉ.मनीष चौरसिया ने पिछले पांच माह तीन मरीजों की सर्जरी तो की है लेकिन प्लास्टर चढ़ाने के लिए पट्टी और पीओपी आदि सामान न होने के कारण रोजाना मरीज रेफर किए जा रहे हैं।
अस्पताल में फिजीशियन, वार्ड बॉय, स्टाफ नर्स और सफाई कर्मी के पद भी रिक्त हैं। सफाई कर्मी ना होने से सीएचसी की सफाई व्यवस्था भी चरमराई हुई है। एक्स-रे कक्ष में डिजिटल एक्स-रे मशीन तो है लेकिन रिपोर्ट निकाल कर देने के लिए एक साल से एक्स-रे फिल्म नहीं है। इससे सीएचसी में आने वाले मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ता है।
यह बोले जिम्मेदार
सीएचसी अधीक्षक डॉ. पीबी सिंह ने बताया कि प्लास्टर सामग्री के लिए कई बार जिले में डिमांड भेजी गई लेकिन सामान नहीं मिला। रिक्त पड़े पदों में तैनाती के लिए भी उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
रिक्त चल रहे पदों पर एक नजर
पद- तैनाती- खाली
फिजीशियन- 1 0 1
स्टाफ नर्स- 8 3 5
वार्ड ब्वाय- 3 1 2
सफाईकर्मी- 3 1 2
(नोट: बाकी पदों पर नियुक्तियां हैं।)