फतेहपुर। ताइक्वांडों खिलाड़ी पवनेश ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कांस्य से लेकर गोल्ड मेडल हासिल करके फतेहपुर का नाम रोशन किया है। वह वर्तमान में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीकॉम की पढ़ाई कर रहे हैं। इनदिनों वह विश्वविद्यालय की तरफ से ताइक्वांडों प्रतियोगिता में खेलने की तैयारी कर रहे हैं।
शहर के चित्रांशनगर निवासी पवनेश के पिता हरिशचंद्र लेखपाल हैं। मां प्रेमा देवी गृहणी हैं। उनका बड़ा भाई अंशू टीईटी की तैयारी कर रहा हैं और बहन अनुराधा बीएड कर रहीं हैं।
सीपीएस में पढ़ाई के दौरान 2016 में पवनेश ने अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडों प्रतियोगिता में कांस्य पदक और इस साल श्रीलंका में हुई स्टूडेंट इंटरनेशनल ओलंपिक में गोल्ड मेेडल जीता है।
इसके पहले 2017 में मलेशिया अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल हासिल कर चुके हैं। 2018 में बिलासपुर में हुई नेशनल ताइक्वांडों प्रतियोगिता में वह सिल्वर मेडल जीत चुके हैं। 2018 में भूटान में हुई ओपेन इंटरनेशनल ताइक्वांडों प्रतियोगिता में भी उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया था।
पवनेश का कहना ताइक्वांडों चैंपियन बनने के लिए ही उन्होंने इलाहाबाद विश्व विद्यालय में प्रवेश लिया है, क्योंकि फतेहपुर में ताइक्वांडो का कोई कोच नहीं है। ऐसे में विश्वविद्यालय में कोच की व्यवस्था होने के कारण उन्होंने प्रवेश लिया है। बताया कि इलाहाबाद विश्व विद्यालय को गोल्ड मेडल दिलाने के बाद ही उनकी तपस्या पूरी होगी।
मलेशिया में जीत के बाद टीम के साथ बीच में मेडल दिखाता खिलाड़ी पवनेश कुमार की फाइल फोटो। संवाद- फोटो : FATEHPUR