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अब पीएम किसान सम्मान निधि में रुकेगा फर्जीवाड़ा

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फतेहपुर। अब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ अपात्र नहीं ले सकेंगे। इसके साथ ही इसमें होने वाला फर्जीवाड़ा भी रोका जाएगा। शासन ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ लेने के लिए बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण यानि ई-केवाईसी की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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जिले में चार लाख दो हजार किसानों का कृषि विभाग में पंजीकरण है, जिसमें 3.63 लाख किसानों के खाते में 11वीं किस्त भेजी जानी है, लेकिन इसके पहले सभी किसानों को ई-केवाईसी कराना जरूरी है।
इसके लिए किसानों को जनसेवा केंद्र में थंब (अंगूठे का निशान) लगाना होगा। बीते सालों में लगातार अपात्र योजना का लाभ लेते रहे हैं। जिसकी कृषि विभाग में शिकायतें भी दर्ज कराई गई हैं।
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जांच करने पर 9902 लोग ऐसे मिले जो भूमिहीन, जेई, शिक्षक व सेवानिवृत्त पेंशनर थे। विभाग ने इन अपात्रों में 152 लोगों से रिकवरी भी करा चुका है। इसको गंभीरता से लेते हुए शासन ने अब किसानों को ई-केवाईसी कराने के निर्देश दिया है।
किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ नियमित लेने के लिए ई-केवाईसी कराना होगा। 11वीं किस्त का लाभ लेने के लिए किसानों को 31 मार्च तक जनसेवा केंद्र में जाकर थंब लगाना है।
जो किसान ई-केवाईसी नहीं कराएंगे, उनका नाम पात्रता सूची से हटा दिया जाएगा। जिससे उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। इसके लिए किसानों को 15 रुपये देना होगा।
मोबाइल से करें ई-केवाईसी अपडेट
पीएम किसान पोर्टल के होम पेज पर जाएं। जिसमें पेज के दाईं ओर ई-केवाईसी पर क्लिक करें। फिर आपको आधार पर अपडेट मोबाइल और आधार नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद मोबाइल पर ओटीपी आएगा, जिसके बाद ओटीपी भरने पर सत्यापित हो जाएगा।
अब किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पाने के लिए पहले अपना ई-केवाईसी करवाना जरूरी है। इसके लिए किसान जनसेवा केंद्र में जाकर ई-केवाईसी करा लें। 31 मार्च तक ई-केवाईसी करा लें। अन्यथा सम्मान निधि की किस्त से वंचित हो जाएंगे। - राममिलन सिंह परिहार, उप कृषि निदेशक
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