फतेहपुर। शहर के पक्का तालाब स्थित प्राचीन मंदिर से शुक्रवार शाम करीब साढ़े सात बजे अष्टधातु की तीन और दो पीतल की मूर्तियां चोरों ने पार कर दी। मंदिर में श्रद्धालु बनकर चोर पहुंचे थे।
घटना से भक्तों में नाराजगी है। चोरी की सूचना पर बजरंग दल कार्यकर्ता कोतवाली पहुंचे। उन्होंने जल्द से जल्द चोरों को पकड़कर मूर्तियों को बरामद किए जाने की मांग की है।
रामजानकी मंदिर में 2009 से मध्यप्रदेश सतना के कुलरावा थाना क्षेत्र पोटर गांव निवासी केशवदास महाराज पुजारी हैं। पुजारी ने बताया कि करीब 10 दिन पहले दो लोग आए थे। उन्होंने मंदिर में प्रसाद चढ़ाया।
उसके बाद बोले कि उनके गांव की जमीन में धन छिपा है। धन निकालने की उनसे विधि पूछने लगे। उनन्होंने इस काम से इंकार कर दिया था। शुक्रवार शाम आरती-पूजा की। इसी दौरान 10 दिन पहले आने वाले दोनों युवक फिर आए।
उन्होंने मंदिर में प्रसाद और 20 रुपये चढ़ाने को दिए। प्रसाद चढ़ाकर बाकी प्रसाद दोनों को सौंप दिया। इसके बाद परिसर स्थित शिवमंदिर का ताला बंद करने चला गया। कुछ देर बाद लौटकर आया तो दोनों युवक गायब थे।
मंदिर से राम, लक्ष्मण, जानकी की अष्टधातु की एक फिट की मूर्तियां और दो राधा-कृष्ण की पीतल की मूर्तियां नहीं थी। उन्होंने घटना की जानकारी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को दी।
पुजारी ने बताया कि बजरंग दल कार्यकर्ता कोतवाली पहुंचे और मूर्ति चोरी को लेकर नाराजगी जताई। कोतवाल अरुण चतुर्वेदी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
मंदिर के पुजारी के साथ कोतवाली में खड़े बजरंगी। संवाद- फोटो : FATEHPUR
मूर्ति चोरी के बाद मंदिर में खाली पड़ा रामजानकी दरबार। संवाद- फोटो : FATEHPUR