फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शराब पिलाई फिर कहा रगड़ो गांजा और पीछे से वार

विज्ञापन
विज्ञापन
खागा। रारी गांव में हुई मोहित उर्फ गोलू की हत्या में फिलहाल पुलिस को जो सुराग मिले हैं, वह आशनाई की ओर इशारा कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि गोलू गांव की एक गैर बिरादरी की लड़की के संपर्क में था। हत्या, लड़की को पाने की प्रतिस्पर्धा में की या फिर लड़की के परिजनों को इसकी भनक लग गई थी, इस पर पुलिस की जांच टिकी हुई है।
विज्ञापन

सीओ खागा जीडी मिश्रा व एसओ आशुतोष सिंह ने जब घटनास्थल का मुआयना किया तो जिस जगह पर मोहित की लाश पड़ी थी। उससे थोड़ी दूर पर शराब पिए हुए प्लास्टिक के ग्लास पड़े थे।
जिसे देखकर यह अनुमान लगाया गया कि आरोपियों ने मोहित को पीने-खाने का झांसा देकर बुलाया था। इसके साथ ही पुलिस ने जब शव की जांच की तो मोहित के बाएं हाथ की हथेली में गांजा मिला।
विज्ञापन

जिसे देखकर यह स्पष्ट हुआ कि हत्या से चंद मिनट पहले ही वह अपनी हथेली में गांजा रख कर रगड़ रहा था और गांजा पीने वाला था। इससे पहले की वह गांजा पीता, किसी ने पीछे से धारदार हथियार से उसके सिर पर प्रहार कर दिया।
एक ही प्रहार से वह औंधे मुंह खेत में गिर गया। इसके बाद कातिल ने उसके सिर पर ताबड़तोड़ प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद कातिल उसका एंड्रायड फोन भी उठा ले गए।
जेब में मिले 2060 रुपये
पुलिस ने शव की तलाशी ली तो मोहित की जेब में 2060 रुपये मिले। यह रुपये कालिका माता मंदिर व आश्रम में लगी बिजली के बिल के थे। जिसे मौनी बाबा ने मोहित को रविवार को दिए थे और बिल भरने के लिए कहा था।
मोबाइल से खुलेंगे राज
कातिल हत्या के बाद मोहित का मोबाइल उठाकर ले गए हैं। स्पष्ट है कि मोबाइल में कातिल या फिर हत्या के कारण का पक्का सबूत था। जिसे नष्ट करने के इरादे से उसका मोबाइल ले लिया गया। पुलिस मोहित के मोबाइल पर आने-जाने वाली काल डिटेल निकालकर जांच कर रही है।
दोपहर में हुई थी भाई की मुलाकात
मोहित के भाई मोनू ने बताया कि रोजाना मोहित शाम को आठ बजे के करीब खाना खाने आता था। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे मोहित की मुलाकात बडे़ भाई अनूप से हुई थी। इस दौरान उसने बिजली के बिल को लेकर चर्चा की थी। शाम को जब मोहित घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने आपस में कहा कि मोहित खाना खाने नहीं आया हैं। क्योंकि मोहित मंदिर में भी कभी-कभी खाना खा लेता था। परिजन इसी बात को लेकर आश्वस्त थे कि उसने मंदिर में खाना खाया होगा इसलिए घर नहीं आया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें