फतेहपुर। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने शुक्रवार भी सरकार की वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने 12 सूत्री मांगों पर सरकार को निशाने पर लिया।
जिसमें बिना ग्रेच्युटी व पेंशन के 62 साल से ऊपर की कर्मचारियों को सेवा मुक्त किया जाने का मामला हो या फिर ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाली कर्मचारियों के परिवार की बहू व बेटियों की सीधी भर्ती किए जाने का।
नहर कालोनी में जिलाध्यक्ष सुनंदा तिवारी की अगुवाई में धरना दे रहीं महिलाओं ने सरकार पर आंगनबाड़ी विरोधी रुख रखने का आरोप लगाया।
कहा कि प्रदेश सरकार अपनी घोषणा पर अमल नहीं कर रही है जबकि उसने आंगनबाड़ी कर्मचारी को 15 हजार व सहायिका को 10 हजार रुपये मानदेय देने की बात कह रखी है।
किराये पर चलने वाले केंद्रों का किराया समय से नहीं दिया जा रहा है। जिसका दबाव आंगनबाड़ी पर बनाया जाता है। जिलाध्यक्ष ने प्री प्राइमरी का प्रशिक्षण लेने वाली वर्कर को प्राइमरी टीचर का दर्जा दिए जाने और मथुरा में आंगनबाड़ी कर्मचारियों पर कायम हुए मुकदमों को वापस लिए जाने का मामला रखा।
प्रदर्शन के दौरान मधु सिंह, सूरजकली, अखिलेश कुमारी, रूषमा सिंह, विनोद कुमारी, सविता देवी, रामप्यारी, सविता श्रीवास्तव, सुमन, विमला, लीलावती, सुनीता सिंह, सूरजकली मौजूद रहीं।