अमौली (फतेहपुर)। यमुना में डूब रही भतीजी को बचाने की कोशिश में शुक्रवार को बुआ की भी डूबकर मौत हो गई। घटना की जानकारी पर जाल डालकर खोजबीन के बाद दोनों के शव बाहर निकाले जा सके।
हादसे से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर एसडीएम, थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और परिवार को धैर्य बंधाया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे हैं।
चांदपुर थानाक्षेत्र के आवाजीपुर गांव निवासी इरशाद खान की बुजुर्ग मां सहीरून खातून का गुरुवार को इंतकाल हो गया था। इरशाद की बहन केसरी खातून अपनी बेटी नौशीन (18) को लेकर मां के अंतिम संस्कार में आई थी।
यह लोग बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के कोरवां गांव के रहने वाले हैं। नौशीन का पिता गयासुद्दीन मुंबई में रहता है। नौशीन आवाजीपुर गांव में रहने वाले मौसरे भाई तौफीस खान की पुत्री सिदरा (10) और मौसी मौसमा के साथ यमुना में नहाने गई थी। आवाजीपुर गांव से करीब 700 मीटर पर यमुना हैं।
तौफीस खान ने बताया कि अचानक गहराई में चले जाने से सिदरा डूबने लगी। यह देख नौशीन उसे बचाने के लिए यमुना में कूद गई। दोनों के डूबने की खबर मौसमा ने परिवार के लोगों को दी। सूचना मिलते ही गांव से लोगों की भीड़ पहुंच गई।
गांव के आवेश खान और परवेश खान ने काफी खोजबीन की। इसके बाद हमीरपुर भौंरा घाट के नाविक पहुंच गए। नाविकों ने जाल डालकर खोजबीन चालू की। इसके बाद गहराई में डूबे शव बाहर निकाले जा सके।
दोनों को अमौली सीएचसी लेकर जाने लगे। कुछ लोगों ने मौत होने के बारे में बताया। इसके बाद शवों को गांव ले गए। सूचना पर एसडीएम अवधेश निगम और थानाध्यक्ष योगेश सिंह पहुंचे।
एसडीएम ने परिवार को सांत्वना दी। हादसे से सिदरा की मां जेहदा खातून बदहवास दिखी। उसकी एक छोटी बेटी इफा और बेटा आतिश है। रिश्ते में केसरी खातून और तौफीस की मां रेशमा खातून सगी बहनें है। थानाध्यक्ष योगेश कुमार सिंह ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।
सिदरा खातून फाइल फोटो- फोटो : FATEHPUR
मृतक के परिजनों के साथ बैठे एसडीएम अवधेश निगम- फोटो : FATEHPUR