फतेहपुर। वरिष्ठ बसपा नेता असलम शेर खान को पार्टी से शनिवार को निष्कासित कर दिया गया। उन पर पार्टी के विरोध में काम करने के साथ अनुशासनहीनता का आरोप लगा है। दलील दी जा रही है कि लगातार हिदायत के बावजूद सुधार न होने पर यह कदम उठाया गया है।
जिलाध्यक्ष नीरज कुमार पासी ने बताया कि आगाह करने के बाद भी असलम शेर खान में सुधार नहीं हो रहा था। चुनाव की नजदीकियों के बावजूद वह ऐसा काम कर रहे थे जो किसी भी संगठन के ढांचे पर भारी पड़ सकता है।
उधर, निष्कासित नेता ने आरोप बेबुनियाद बताए हैं। निष्कासित किए गए असलम शेर खान का बसपा से गहरा नाता रहा है। उन्होंने पार्टी में करीब 25 साल का लंबा वक्त गुजारा है।
उनकी पार्टी में गहरी पैठ भी मानी जाती है। बसपा सुप्रीमो से सीधे संपर्क रखने वाले असलम शेर खान ने बताया कि अभी तक उन्हें पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई भी पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।
पार्टी के वह एक सच्चे सिपाही रहे हैं और जिले में पार्टी को मजबूती देने का काम किया है। जिले के कई पदाधिकारियों से इस विषय पर फोन पर बात हुई है और उन्होंने संगठन के इस कदम को गलत बताया है। जल्द ही वह हाईकमान से इस विषय पर बात करेंगे।