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किसानों की फसलें बर्बाद कर रहे अन्ना मवेशी, किसान परेशान

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बहुुआ/थरियांव। गोशाला बनाए जाने के बाद भी अन्ना मवेशियों की धमाचौकड़ी कम नहीं हुई है। 15 से 20 मवेशियों के झुंड घूम रहे हैं, जो किसानों की फसलों को नष्ट करते हैं। फसलों को बचाने के लिए किसान खेतों में रात दिन रहकर रखवाली करते हैं, फिर भी मौका मिलते ही मवेशी फसलों को चट कर देते हैं।
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अन्ना मवेशियों से राहत दिलाने के लिए न्याय पंचायत स्तर पर गोशालाएं बनवाई गई हैं। उनमें अन्ना मवेशियों को रखने के दावे फेल साबित हो रहे हैं।
अन्ना मवेशियों के झुंड दिनभर किसानों के खेतों में घूमते हैं और शाम होते ही गांव किनारे के खेतों में बैठते हैं। इस समय किसानों ने गेहूं, राई, आलू, चना की फसलें बोई है।
फसलों में हरियाली आते ही ये अन्ना मवेशी फसल को चट कर रहे हैं। बहुआ क्षेत्र के कोर्रा कनक, ललौली, मुत्तौर, ओती, बनरसी, महना, मोहम्मदपुर, लदिगवां समेत क्षेत्र के गांवों में अन्ना मवेशियों के झुंड घूम रहे हैं। इसी प्रकार थरियांव क्षेत्र के रसूलाबाद, मीसा, बक्सपुर, असवा, घरवासीपुर गांव में अन्ना मवेशी किसानों के लिए मुसीबत बने हैं।
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कोर्राकनक के लालमन सिंह ने बताया कि अन्ना मवेशियों के आतंक से फसलों की लागत तक निकालना मुश्किल हो गया है। खेतों पर रह कर फसलों की देखरेख कर रहे हैं, लेकिन मवेशी मौके पाते ही फसल चट कर देते हैं।
मोहम्मदपुर के अनिल कुमार यादव ने बताया कि गोशाला तो बनाई गईं हैं, लेकिन अधिकारियों की अनेदखी से किसानों को राहत नहीं मिल रही है। अन्ना मवेशी झुंड बनाकर खेतों में घूमते हैं और फसलों को बर्बाद कर रहे हैं।
रसूलाबाद के रोशनलाल ने बताया कि बटाई के खेत लेकर दो बीघे गेहूं और चार बीघे आलू बोए हैं। अन्ना मवेशियों से बचाने के लिए कंटीले तार लगे हैं, फिर भी मवेशी खेत में आ जाते हैं। दिन भर खेत की रखवाली करते हैं।
रसूलाबाद के रामलाल रैदास ने बताया कि बटाई में ढाई बीघे गेहूूं की फसल बोई है। दिन भर तो रखवाली कर लेते हैं, लेकिन रात में मवेशी दिखाई नहीं देते हैं। खेत के एक हिस्से में रहते हैं, तो दूसरे किनारे जाकर फसल चट कर देते हैं।
गोशाला के मवेशी किसानों के खेतों में नहीं जाते हैं। किसान ही जिन गायों को पाल रखे हैं, जब वह दूध देना बंद कर देती हैं, तो अन्ना कर देते हैं। फिर भी जिन किसानों के खेतों के आसपास अन्ना मवेशी रहते हैं, उन्हें पकड़ कर नजदीक की गोशाला में बंद करा दें। - आरडी अहिरवार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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