किशनपुर। नरौली गांव से एक गर्भवती को लेकर विजयीपुर पीएचसी जा रही एंबुलेंस संगोलीपुर मौरंग खदान के रास्ते पर जाम में फंस गई। बड़ी संख्या में मौरंग लदे वाहनों के बीच फंसते ही महिला की जान पर आफत आ गई। करीब घंटे भर बाद एंबुलेंस चालक किसी तरह से गाड़ी निकालकर अस्पताल पहुंचा। जबकि जाम देर शाम तक लगा रहा।
रारी मोड़ से संगोलीपुर खदान तक जाने वाला मार्ग 12 किलोमीटर लंबा है। इस सिंगल लेन मार्ग पर नौ किलोमीटर तक डामरीकरण है, लेकिन तीन किलोमीटर रास्ता कच्चा है।
मंगलवार सुबह बारिश के चलते कच्चे मार्ग पर कीचड़ व फिसलन हो गई। ऐसे में खदान से मौरंग लादकर जाने वाले ट्रक बीच रास्ते में खड़े हो गए। जिससे खदान से लेकर भवनापुर गांव के आगे तक जाम लग गया।
इधर नरौली गांव निवासी जनक दुलारी पत्नी सुरिजभान को सुबह करीब नौ बजे प्रसव पीड़ा होने लगी। तो परिजनों ने एंबुलेंस को फोन किया। सूचना पर गांव पहुंची एंबुलेंस से परिजन गर्भवती को लेकर विजयीपुर पीएचसी जा रहे थे लेकिन रास्ते में खड़े ट्रकों के कारण लगे जाम में फंस गई।
एंबुलेंस चालक सायरन बजाता रहा, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। आखिर में एंबुलेंस चालक व परिजन किसी तरह से एंबुलेंस को खेतों के किनारे से निकाल कर पीएचसी पहुंचे।
इस बीच करीब साढ़े नौ बजे से साढ़े दस बजे तक जाम में फंसी रही। जाम में फंसे होने के दौरान महिला की जान आफत में रही। इधर पीएचसी पहुंचते ही चिकित्सकों ने तत्काल महिला का उपचार किया।
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.बृजेश पांडेय ने बताया कि महिला को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल लाया गया था। यदि थोड़ी देर और हो जाती, तो महिला को समस्या बढ़ सकती थी।
भवनापुर के पास जाम में फंसी एम्बुलेंस। संवाद- फोटो : FATEHPUR