फतेहपुर। डॉक्टर की करतूत के बाद आकांक्षा नर्सिंग होम की हकीकत उजागर हुई है। नर्सिंग होम का संचालन भी बिना पंजीयन हो रहा था। इस बात से स्वास्थ्य महकमा सवालों के घेरे में लिपटा नजर आ रहा है।
दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन के मामले में गिरफ्तार डॉ. जुनैद के नर्सिंग होम का पंजीयन नहीं है। इतना ही नहीं नर्सिंग होम शहर में अलग-अलग जगहों पर डेढ़ दशक से संचालित हो रहा है।
इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी तक नहीं है। इन दिनों सीएमओ कार्यालय से पांच सौ मीटर की दूरी पर नर्सिंग होम चल रहा था।
नर्सिंग होम संचालक की धरपकड़ के बाद सारे मरीजों को दूसरी जगहों पर शिफ्ट किया गया है। नर्सिंग होम में शहर का एक चर्चित झोलाछाप का आना-जाना भी है।
वहीं, झोलाछाप मरीजों के ऑपरेशन करता था। करीब दो साल पहले झोलाछाप प्रशासन की छापेमारी से बच निकला था। सीएमओ ने बताया अस्पताल के पंजीयन न होने का मामला जानकारी में आया है। अगर नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन नहीं मिला तो उसे जांच कराके अस्पताल को सीज किया जाएगा।