असोथर। मवेशियों में गलाघोंटू बीमारी फैलने से पशुपालकों में दहशत में हैं। जमलामऊ गांव में इस बीमारी से 10 मवेशियों की तीन दिन में मौत हो गई है।
अभी भी 10 से ज्यादा मवेशी बीमार हैं। सूचना के बाद भी पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी अंजान हैं। प्राइवेट डॉक्टरों से महंगे दाम पर पशुपालक बीमार मवेशियों का इलाज कराने के लिए मजबूर हैं।
ब्लाक क्षेत्र के जमलामऊ गांव में गलाघोंटू बीमारी मवेशियों में तेजी से फैल रही है। मवेशी अचानक चारा, पानी छोड़ देते है। उनके गले में सूजन आ जाती है और पशुपालक बीमारी को जब तक समझ पाते हैं, मवेशी की मौत हो जाती है।
गांव के अशोक के तीन मवेशियों की मौत इस बीमारी से हो गई है। इनमें एक भैंस, एक पड़वा और एक पड़िया है। इसी प्रकार दूखी लोधी की एक भैंस दो दिन में बीमारी से मर गई है।
भगवानदीन व प्रेमचंद्र यादव के दो-दो मवेशी बीमारी से मर गए। ननका दुबे व बच्छराज यादव की एक-एक भैंस दो दिन की बीमारी में मर गईं हैं। पशुपालकों ने बताया कि मवेशियों को इस बार गलाघोंटू व खुरपका के टीका भी नहीं लगाए गए हैं।
ब्लाक के पशु चिकित्सक को मवेशियों के बीमारी की सूचना दी गई, लेकिन अभी तक कोई नहीं आया है। प्राइवेट डॉक्टरों से बीमार मवेशियों का इलाज करा रहे हैं।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.आरडी अहिरवार ने बताया कि स्थानीय पशु चिकित्सक अवकाश पर हैं, मुख्यालय से टीम भेजकर मवेशियों का उपचार कराया जाएगा।