नउवाबाग हाइवे में कोहरे से रेंगती गाड़ियां। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। साल के अंतिम दिन मौसम का पहला कोहरा पड़ा। कोहरे की चादर और ठिठुरन भरी सर्दी के साथ साल की विदाई हुई। पूरे दिन भगवान भास्कर के दर्शन नहीं हुए। गलन इतनी रही कि ऊनी कपड़े पहनने के बाद भी लोगों की कंपकंपी कम नहीं हुई। ठिठुरते हुए सुबह स्कूूल गए बच्चों की दोपहर को छुट्टी में भी ठिठुरन कम नहीं हुई। न्यूनतम पारा में दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को न्यूनतम पारा सात डिग्री और अधिकतम पारा 18 डिग्री दर्ज किया गया।
दिसंबर महीने में पहली बार शुक्रवार को दिनभर घना कोहरा रहने के कारण लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ीं। सुबह छाए कोहरे के कारण सुबह बच्चों को स्कूल छोड़ने जाने वाले वाहनों की हेडलाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा। दुकानदारों को दुकानों में बैठने से पहले गत्ता, कागज जलाकर हाथ गर्म करने पड़े। घने कोहरे के कारण दोपहर तक पानी की बूंदे गिरती रहीं। लोग गर्म कपड़े संग टोपी और मफलर बांधे नजर आए। घने कोहरे के कारण सड़कें भी पानी से भीगी हुईं थीं। सुबह करीब सात बजे 50 मीटर की दूरी तक देखना मुश्किल हो रहा था। हाईवे और रेलवे ट्रैक पर कोहरा कुछ ज्यादा घना दिखाई पड़ा। मौसम विशेषज्ञ सचिन कुमार शुक्ला ने बताया कि कोहरे की धुंध आगे के दिनों में रहेगी।
आलू, मटर और सब्जियों पर पाले का पड़ेगा असर
औद्यानिक विशेषज्ञ व जिला उद्यान विभाग के योजना प्रभारी जयनेंद्र तिवारी ने बताया कि दिसंबर के आखिरी से पाला पड़ने के आसार बढ़ जाते हैं। इससे आलू, मटर, केला व अन्य सब्जी की फसलों को काफी नुकसान होता है। इसका सबसे अधिक असर आलू, मटर की फसल में पड़ता है। पाला से बचाव करने के लिए किसान खेत की मेड़ पर घास-फूस जलाकर धुआं करें। ऐसा करने से फसलों के आसपास का वातावरण गर्म होता है। फसलों में हल्की सिंचाई करें।