फतेहपुर। ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में बाइकों और ट्रैक्टरों के डीलरों ने नियमों की अनदेखी करके जिलेभर में अपनी शाखाएं फैला लीं। मुख्य डीलर ने एआरटीओ कार्यालय से ट्रेड सर्टिफिकेट और वाहनों के पंजीकरण की आईडी लेने के बाद कई-कई सबडीलर तैयार कर लिए। ऐसे 23 डीलरों को एआरटीओ ने चिह्नित किया है। इन्हें विभाग की ओर से नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। साथ ही सबडीलरशिप खत्म करने के निर्देेश दिए हैं।
दो पहिया, चार पहिया या व्यवसायिक वाहनों की बिक्री के लिए मुख्य अधिकृत डीलर होते हैं। इन्हें संभागीय परिवहन विभाग की ओर से ट्रेड सर्टिफिकेट मिलता है। साथ ही वाहनों के पंजीकरण के लिए एक आईडी जारी होती है। इसी के जरिए वाहनों की बिक्री होती है।
अब इसमें खेल यह है कि डीलरों ने ग्रामीण क्षेत्रों और कस्बाई इलाकों में अपनी गाड़ी की बिक्री बढ़ाने और अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में कई सबडीलर बना दिए हैं। नतीजन एक ट्रेड सर्टिफिकेट पर कई-कई सबडीलर वाहनों को बेंचकर उनका पंजीकरण तक कर रहे हैं।
परिवहन आयुक्त के निर्देश पर जब इनकी पड़ताल शुरू की गई, तो पता चला दो पहिया के 17 और ट्रैक्टरों के छह डीलरों ने एक ही ट्रेड सर्टिफिकेट पर सबडीलरों को काम दे दिया है। अब इन सभी को बंद कराने की तैयारी चल रही है। एआरटीओ दफ्तर के कर्मचारी अभी भी ऐसे डीलरों की कुंडली खंगालने में लगे हैं, जिन्होंने सब डीलरशिप का जाल बिछा रखा है।