बहुआ। यमुना नदी में नहाने पहुंचीं छह लड़कियां जलधारा में फंसकर डूबने लगीं। स्थानीय गोताखोरों ने पांच को किसी तरह बाहर निकाला लेकिन एक की डूबने से मौत हो गई। उसका शव करीब छह घंटे की खोजबीन के बाद उरौली घाट पर ही मिला।
सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। दो लड़कियों को जिला अस्पताल लाया गया, जहां से एक को कानपुर रेफर किया गया। दूसरी की हालत ठीक होने पर घर भेज दिया गया।
ललौली थानाक्षेत्र के उरौली गांव निवासी गुंजन (13) पुत्री अजय चंदेल, ऊषा देवी (17) पुत्री रामधनी, गुड्डन (17) और उसकी बहन रीना देवी (12) पुत्री झुग्गीलाल, श्रद्धा देवी (17) पुत्री कल्लू, संध्या देवी (19) पुत्री बुद्धराज बुधवार की सुबह करीब साढ़े आठ बजे गांव के पास ही यमुना नदी घाट नहाने गईं थीं।
सभी नदी में नहाते समय गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। लड़कियों ने शोर मचाया तो वहां मौजूद गोताखोर नदी में कूद पड़े। गोताखोर गुंजन, ऊषा देवी, गुड्डन, श्रद्वा व संध्या को बचाने में सफल हुए, लेकिन रीना लहर में समा गई। लड़कियों के घरों में हादसे की जानकारी पहुंची तो कोहराम मच गया। सभी मौके पर पहुंचे और गुंजन, ऊषा देवी को जिला अस्पताल ले गए।
जहां से ऊषा को हैलट रेफर कर दिया गया, जबकि गुंजन की हालत ठीक बताई गई। सूचना पर ललौली पुलिस उरौली घाट पहुंची और गोताखोरों की मदद से जाल डालकर रीना की खोजबीन शुरू कराई। करीब तीन बजे रीना का शव उरौली घाट के पास पानी में मिला। परिजनों ने शव देखा तो बदहवास हो गए।
रीना के पिता झुग्गीलाल मजदूरी करते हैं और मां मीरा देवी, बहन गुड्डन उर्फ सरिता , सोनम व पूजा हैं। दो भाई संतोष व मोहित हैं। रीना गुलशन ए फातमा इंटर कालेज दसौली में कक्षा आठ की छात्रा थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।