फतेहपुर। गाजीपुर थानाक्षेत्र के भौली गांव में शराब पीने के बाद दो लोगों की मौत के मामले में पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस और आबकारी विभाग के कुल चार लोगों को निलंबित किए जाने के बाद पुलिस ने उस गुमटी संचालक को भी गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी शराब पीने से दो की मौत हुई और 19 लोग बीमार पड़े। पुलिस ने एक शराब कारोबारी को भी उठाया है।
पता चला है कि इसी कारोबारी ने घटना की रात को ही गुमटी में शराब सप्लाई की थी। इस कारोबारी का शराब ठेका है। कारोबारी की पुलिस और आबकारी विभाग में गहरी पैठ भी सामने आई है। पता चला कि उसे लाकडाउन के दौरान अवैध तरीके से शराब बेचने में पकड़ा गया था लेकिन पुलिस ने बिना कार्रवाई किए उसे छोड़ दिया। जांच टीम ने गाजीपुर के तीन दरोगाओं और तत्कालीन एसओ को पूछताछ के लिए तलब किया है। मामले में बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश होने की संभावना है।
भौली गांव के करीब 20 लोगों ने 10 फरवरी की रात शराब पी थी। यह शराब एक गुमटी से खरीदी से खरीदी गई थी। इस शराब को पीने के बाद गांव के दो लोगों की मौत हो गई और 19 लोगों की हालत बिगड़ी गई। बीमारों का कानपुर हैलट की डायलिसिस यूनिट में इलाज चल रहा है। मामले की जांच के दौरान इंद्रो गांव के बिजली सामान बेचने वाले गुमटी संचालक संतोष लोधी के खिलाफ शराब सप्लाई करने का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने नेटवर्क खंगालना चालू किया तो शराब के एक कारोबारी की शराब होने का पता लगा।
पुलिस के हाथ शराब कारोबारी तक पहुंचे हैं। शराब कारोबारी का इतिहास खंगाला गया तो पता चला लॉक डाउन के दौरान भी उसकी ही शराब अवैध तरीके से बिकती पकड़ी गई थी, लेकिन आबकारी विभाग के एक निरीक्षक का संरक्षण प्राप्त होने की वजह से उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। उसका थाने के भी एक दो सिपाहियों से कनेक्शन होना सामने आया है। पुलिस शराब कारोबारी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। एसपी सतपाल अंतिल ने बताया जल्दी पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा। पकड़े गए संतोष लोधी के घर की तलाशी ली गई है। एक और शराब सप्लायर की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। आरोपी के अधिकारियों ने बयान भी दर्ज किए हैं।
शराब से मौत के मामले के बाद जिला आबकारी अधिकारी संतोष तिवारी टीम के साथ शराब दुकानों की चेकिंग की। आबकारी अधिकारी ने बताया सभी शराब दुकानों के ठेकेदारों को चेतावनी दी गई है। दुकानों को चेक किया जा रहा है। दुकानों में किसी प्रकार की अनियमितता पाई गई तो लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।
शराब पीने के बाद जान गंवाने वाले भोला और मोती की मौत से भौली गांव में मातम दिखा। दोनों परिवारों में सन्नाटा छाया रहा। गांव के लोग भी मायूस दिखे। ग्रामीण एक दूसरे से शराब कांड की चर्चा करते रहे। कुछ लोगों ने गांव को शराब मुक्त बनाने की मांग भी उठाई। भोला की पत्नी उमा देवी ने बताया कि उसे पीएम आवास योजना के तहत कालोनी के लिए पैसा मिला था।
कालोनी के कुछ रुपये खाते में डाले गए थे। बाकी रुपये देने के लिए संबंधित अधिकारी रिश्वत की मांग कर रहे थे। पति की मजदूरी से उसका और चार बच्चों का पालन पोषण हो रहा था। उनकी मौत से परिवार बेसहारा हो गया है। उधर, मोती के भाई होरीलाल ने बताया पुलिस की सूचना पर ईंट भट्टे से काम छोड़ कर पहुंच थे। उन लोगों के पास अंतिम संस्कार तक के लिए भी रुपये नहीं थे। पोस्टमार्टम हाउस का खर्च और अंतिम संस्कार का खर्च गाजीपुर थानाध्यक्ष ने पूरा किया।