हसवा/थरियांव। बिजली कटौती से नाराज ग्रामीणों ने थरियांव उपकेंद्र में धरना प्रदर्शन किया। काफी देर प्रदर्शन करने के बाद भी जब अधिकारी नहीं पहुंचे तो ग्रामीणों ने उपकेंद्र में ताला लगा दिया। ग्रामीणों के बढ़ते गुस्से को देखकर उपकेंद्र में तैनात कर्मचारी फरार हो गए और सूचना पर पुलिस टीम पहुंची। बाद में हसवा ब्लाक प्रमुख अक्षय लोधी उपकेंद्र में जाकर विद्युत विभाग के अधिकारियों से फोन पर बात की।
थरियांव उपकेंद्र के चार फीडर असोथर, ब्रह्मनपुर, मंडासरांय और हसवा से करीब 400 गांव जुड़े हैं। हसवा फीडर की दो दिन से बिजली बंद होने से गुस्साए ग्रामीण उपकेंद्र पहुंच गए और धरना देकर बैठ गए। काफी देर धरना पर बैठने के बाद भी जब विद्युत विभाग से कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ गया। फिर विद्युत विभाग के खिलाफ नारेबाजी करने लगे और उपकेंद्र में जाकर सभी फीडरों की मशीनों को बंद कराकर ताला लगा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि दो दिन से हसवा फीडर की बिजली बंद है। धान की फसलें सूख रही हैं। उपकेंद्र के कर्मचारी मशीनों को ओवर लोड होने का हवाला देते हैं और 72 घंटे में बिजली मिलती है। बिजली न मिलने से धान की फसलें खराब हो रही हैं। सूचना पर पहुंचे ब्लाक प्रमुख अक्षय लोधी ने फोन पर विद्युत विभाग के अधिकारियों से बात की, लेकिन अधिकारी मौके पर आने को राजी नहीं हुए। बाद में एसडीएम जाहिद सिद्दीकी मौके पर पहुंचे और उपकेंद्र में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति कराए जाने का आश्वासन दिया। तब ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ और उपकेंद्र का ताला खोला गया।
थरियांव उपकेंद्र की शिकायत को लेकर दो दिन पहले डीएम संजीव सिंह ने देर शाम निरीक्षण किए थे। वहां मौजूद स्टाफ ने अपनी समस्या रखी थी। इसके अगले दिन सदर विधायक विक्रम सिंह ने उपकेंद्र से हो रही बिजली के कटौती की जानकारी ली थी। डीएम और विधायक के कहने के बाद भी बिजली समस्या बनी हुई है।